पत्नी के अंतरिम गुजारा भत्ते का निर्धारण गणितीय सटीकता से नहीं किया जा सकता: उच्च न्यायालय
पत्नी के अंतरिम गुजारा भत्ते का निर्धारण गणितीय सटीकता से नहीं किया जा सकता: उच्च न्यायालय
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला के अंतरिम गुजारा भत्ते की राशि को बढ़ाते हुए कहा है कि इस राशि का निर्धारण गणितीय सटीकता के साथ नहीं किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा कि केवल विदेशी मुद्रा में कमाई के आधार पर पत्नी को पति की विदेशी आय को भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करके गुजारा भत्ते का दावा करने का अधिकार नहीं मिल जाता है।
अदालत मई 2023 में कुटुम्ब अदालत द्वारा दिए गए 50,000 रुपये मासिक अंतरिम गुजारा भत्ते के आदेश के खिलाफ महिला और उसके पति द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पत्नी ने राशि बढ़ाने की मांग की थी, जबकि पति ने इस आदेश को चुनौती दी थी।
अदालत ने 23 दिसंबर को दिए गए एक आदेश में कहा, ‘‘अंतरिम गुजारा भत्ते का निर्धारण गणितीय सटीकता से नहीं किया जा सकता।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘अक्सर ऐसा होता है, खासकर उन मामलों में जहां पति-पत्नी में से कोई एक विदेश में कार्यरत है और अदालत के समक्ष आय का पूर्ण और स्पष्ट खुलासा करने में विफल रहा है, तो मूल्यांकन में अनिवार्य रूप से कुछ हद तक अनुमान और सोच-समझकर किए गए आकलन शामिल होते हैं।’’
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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