अंबलप्पुझा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा : सुधाकरन
अंबलप्पुझा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा : सुधाकरन
अलप्पुझा (केरल), 12 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता जी सुधाकरन ने बृहस्पतिवार को पार्टी से अपने सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की और आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए अपने गृह क्षेत्र अंबलप्पुझा से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की।
सोशल मीडिया मंचों पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर उन पर किए गए व्यक्तिगत हमले के बाद राज्य के पूर्व मंत्री सुधाकरन ने हाल में घोषणा की थी कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है।
लोगों के बीच उनकी छवि बेदाग कुशल प्रशासक के रूप में है।
सुधाकरन (79) ने यहां पत्रकारों से कहा कि वह इस निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे जो माकपा का गढ़ है।
माकपा कार्यकर्ता एवं नेता के रूप में छह दशक के अपने लंबे करियर पर पूर्ण विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं के निजी हमलों का शिकार हुए तथा वह शाखा समिति में भी वह काम नहीं कर पाये, इसलिए उन्होंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करने का निर्णय लिया।
वामपंथी छात्र कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले सुधाकरन ने माकपा के अलप्पुझा जिला नेतृत्व पर संगठनात्मक और सरकारी कार्यक्रमों दोनों में अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सुधाकरन ने कहा, “मैंने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है और मैं अब पार्टी का सदस्य नहीं हूं। अपने अनुभवों के आधार पर, मैंने इस निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।”
चार बार विधायक रह चुके सुधाकरन ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला करने के बावजूद, वह कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ नहीं बोलेंगे और न ही चरित्र हनन में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से समर्थन का कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि मैंने इसके लिए अनुरोध नहीं किया है। मैंने किसी से बात नहीं की है।’’
माकपा के खिलाफ चुनाव लड़ने के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई पार्टी के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर पार्टी किसी को सीट देती है, तो वह जीतकर दिखाए।’’
जब उनसे उनके उस पूर्व बयान के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी पार्टी नेता हर बार चुनाव नहीं लड़ सकते, जब वी.एस. अच्युतानंदन ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उस बयान का वीडियो नहीं देखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह फर्जी वीडियो हो सकता है। आजकल एआई (कृत्रिम कृत्रिम बुद्धिमत्ता) मौजूद है।’’
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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