अंतरिक्ष संस्थानों का नेतृत्व संभालने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: आईआईए निदेशक
अंतरिक्ष संस्थानों का नेतृत्व संभालने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए: आईआईए निदेशक
अहमदाबाद, सात जनवरी (भाषा) भारतीय खगोलभौतिकी संस्थान (आईआईए) की निदेशक प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन उन्हें नेतृत्व संभालने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
आईआईए की पहली महिला निदेशक प्रोफेसर सुब्रमण्यम ने यहां भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में आयोजित ‘एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया’ (एएसआई) की पांचवीं संगोष्ठी के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि महिलाओं को संस्थागत और पारिवारिक स्तर पर अधिक समर्थन की जरूरत है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अंतरिक्ष अन्वेषण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ भारत लगातार प्रगति कर रहा है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व स्तर पर उनकी उपस्थिति अभी कम है।”
प्रोफेसर सुब्रमण्यम ने कहा कि लचीले कार्य घंटों जैसी सहायक संगठनात्मक नीतियां अधिक से अधिक महिलाओं को अपना करियर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।
उन्होंने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पर बात करते हुए कहा कि देश अपने प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधनों का लगभग 50 प्रतिशत खोने का जोखिम नहीं उठा सकता और देश की बेहतरी के लिए महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में शामिल किया जाना चाहिए।
प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने ‘एस्ट्रोसैट मिशन’ और यूवी अध्ययन के साथ-साथ ‘थर्टी मीटर टेलीस्कोप’ (टीएमटी) परियोजना पर भी काम किया है। अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2024 (विज्ञान श्री) से सम्मानित किया गया है।
भाषा
प्रचेता सुरेश
सुरेश

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