यतनाल का ‘भ्रष्ट परिवार’ के तहत भाजपा में फिर से शामिल होने से इनकार, अपनी पार्टी बनाएंगे

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यतनाल का ‘भ्रष्ट परिवार’ के तहत भाजपा में फिर से शामिल होने से इनकार, अपनी पार्टी बनाएंगे

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 05:46 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 05:46 PM IST

नयी दिल्ली/बेंगलुरु, नौ मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्कासित विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल ने सोमवार को आरोप लगाया कि जब तक कर्नाटक में पार्टी का नेतृत्व ‘भ्रष्ट परिवार’ के हाथों में रहेगा, तब तक वह भाजपा में दोबारा शामिल नहीं होंगे।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि उनकी नवगठित जेसीबी पार्टी राज्य में सत्ता में आएगी और वह कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

नयी दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए विजयपुरा के विधायक ने कहा कि वह भाजपा नेताओं से मिलने के लिए राजधानी नहीं आए हैं। उन्होंने पार्टी में वापसी के लिए पैरवी करने की अटकलों को खारिज कर दिया।

यतनाल ने कहा, ‘‘मैं उस तरह का व्यक्ति नहीं हूं जो किसी के घर जाकर भाजपा में शामिल कराने की भीख मांगे या एहसान करने की भीख मांगे। ऐसी खबरें बेवजह न फैलाएं। हम हर बात में पारदर्शी हैं। मुझे वहां जाकर राजनीति के लिए किसी के पैरों में गिरने की कोई जरूरत नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि राजधानी की उनकी यात्रा पूरी तरह से निजी थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां निजी कारणों से आया हूं, मुझे एक दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने के साथ अपने कुछ पुराने दोस्तों से मिलना है।’’

भाजपा में वापसी के बारे में पूछे जाने पर यतनाल ने कहा कि वह पार्टी की कर्नाटक इकाई में उस नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेंगे जो उनकी नजर में एक ‘भ्रष्ट परिवार’ के पास है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में भाजपा का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के परिवार के हाथों में केंद्रित है। यतनाल ने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का भी संकेत दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आवश्यकता पड़ी तो मैं अपनी क्षेत्रीय पार्टी बनाऊंगा। मैं यहां बैठकर इंतजार क्यों करूं? मैं इतना मूर्ख नहीं हूं कि बैठकर इंतजार करता रहूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जेसीबी पार्टी तैयार है, अगर पार्टी गठित करने का समय आया, तो मैं सही फैसला लूंगा और इसका गठन करूंगा।’’

येदियुरप्पा या उनके परिवार के सदस्यों की तरफ से यतनाल के आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त हुई है।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश