मुर्मू ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा, आपके निर्णय आने वाले समय में देश के आर्थिक पथ को आकार देंगे
मुर्मू ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा, आपके निर्णय आने वाले समय में देश के आर्थिक पथ को आकार देंगे
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उनके निर्णय आने वाले दशकों में भारत के आर्थिक पथ को आकार दे सकते हैं।
राष्ट्रपति भवन में उनसे मुलाकात करने आए आईटीएस, भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा सेवा (आईए एंड एएस) और रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा (डीएक्यूए) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जिस सेवा में वे शामिल हुए हैं, वह उन्हें अपने करियर के दौरान हर निर्णय और कार्रवाई के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने का अवसर प्रदान करती है।
राष्ट्रपति ने आईटीएस प्रशिक्षुओं से कहा कि वे याद रखें कि उनके द्वारा लागू की जाने वाली प्रत्येक नीति, उनके द्वारा दूर की जाने वाली प्रत्येक व्यापार बाधा, उनके द्वारा समर्थित प्रत्येक समझौता, भारत के एक मजबूत और विश्व स्तर पर अधिक सम्मानित व्यापारिक भागीदार के रूप में उभरने में योगदान देगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आप ऐसे समय में सेवा में शामिल हुए हैं जब वैश्विक स्तर पर व्यापक परिवर्तन हो रहा है। डिजिटल व्यापार, स्थिरता संबंधी आवश्यकताएं और नये वैश्विक नियम देशों के आपसी संबंधों को नया आकार दे रहे हैं। आप एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां कानून का मेल उद्यम से होता है, बातचीत का मेल रणनीति से होता है, और जहां आपके निर्णय आने वाले दशकों तक भारत की आर्थिक दिशा तय कर सकते हैं।’’
उन्होंने परिवीक्षाधीन अधिकारियों से राष्ट्रीय हित को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में रखने और प्रमुख प्राथमिकताओं की सुरक्षा के साथ खुलेपन को संतुलित करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजित करने और ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने में योगदान देंगे, जहां भारतीय व्यवसाय नवाचार कर सकें, विस्तार कर सकें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। हमारा रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। स्वदेशी एयरोस्पेस नवाचार का विस्तार हो रहा है…।’’
उन्होंने रक्षा वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि आपको ‘‘हमारे सशस्त्र बलों को तकनीकी रूप से उन्नत करने में’’ योगदान देने के लिए अभिनव दृष्टिकोण अपनाने चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सर्वोपरि जिम्मेदारी रक्षा बलों के लिए तकनीकी रूप से उन्नत और विश्व स्तरीय हथियारों और गोला-बारूद के लिए उच्चतम गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना है।
भाषा सुभाष रंजन
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