जीका वायरस बीमारी: कर्नाटक ने रोग नियंत्रण की दिशा में कदम तेज किए

जीका वायरस बीमारी: कर्नाटक ने रोग नियंत्रण की दिशा में कदम तेज किए

जीका वायरस बीमारी: कर्नाटक ने रोग नियंत्रण की दिशा में कदम तेज किए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:13 pm IST
Published Date: July 10, 2021 8:34 am IST

बेंगलुरु, 10 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पड़ोसी राज्य केरल में जीका वायरस (जेडवीडी) के मामले सामने आने के बाद इस मच्छरजनित बीमारी पर नियंत्रण रखने के लिए तेजी से कदम उठाएं।

केरल की सीमा से लगे दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चामराजनगर जिलों में और अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा आयुक्तालय की ओर से जारी एक परिपत्र में कहा गया, ‘‘पड़ोसी राज्य केरल में जीका वायरस के मामले सामने आने के बाद कर्नाटक में भी मच्छर जनित बीमारी पर नियंत्रण के लिए तेजी से कदम उठाना जरूरी है। मौजूदा मानसून मौसम एडीज मच्छर के प्रसार के लिए अनुकूल होता है, यह ऐसा मच्छर है जो जीका वायरस के लिए जिम्मेदार है।’’

परिपत्र में कहा गया कि घरों में एडीज मच्छर के प्रजनन को रोकने के लिए ठोस कचरे के निपटारे को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। एडीज मच्छर डेंगू, चिकुनगुनिया और जीका के लिए जिम्मेदार है।

निर्देश में कहा गया कि गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान माइक्रोसेफली की उपस्थिति देखने पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए और अगर इसकी मौजूदगी पायी जाती है तो गर्भवती महिलाओं का नमूना तथा बच्चे के जन्म की स्थिति में भी नवजात शिशुओं और उनकी माताओं का नमूना एकत्र कर राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भेजा जाना चाहिए।

भाषा स्नेहा प्रशांत

प्रशांत


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