जुबिन गर्ग मौत मामला : एनईआईएफ टीम के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई

जुबिन गर्ग मौत मामला : एनईआईएफ टीम के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई

जुबिन गर्ग मौत मामला : एनईआईएफ टीम के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई
Modified Date: October 3, 2025 / 08:23 pm IST
Published Date: October 3, 2025 8:23 pm IST

गुवाहाटी, तीन अक्टूबर (भाषा)गायक जुबिन गर्ग की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने नार्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (एनईआईएफ)आयोजन टीम के तीन सदस्यों से शुक्रवार को पूछताछ की।

इस बीच, एसआईटी के अध्यक्ष एवं विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजीपी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा कि इस जांच को इसके ‘तार्किक मुकाम’ पर पहुंचाया जाएगा।

एसआईटी के प्रमुख गुप्ता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि एनईआईएफ में भाग लेने के लिए गर्ग के साथ सिंगापुर गए तीन लोगों को अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। एनईआईएफ में भाग लेने के लिए गर्ग सिंगापुर गए थे, जहां 19 सितंबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।

उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जो एनईआईएफ में शामिल होने गए थे। इनमें जुबिन के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और उनके संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी, महोत्सव के आयोजक श्यामकानु महंत और गायिका अमृतप्रभा महंत शामिल हैं।

गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जांच के दौरान हमारी ओर से कोई चूक न हो।’’

एसडीजीपी ने कहा कि एसआईटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मामला ‘‘अपने तार्किक मुकाम पर पहुंचे।’’

गुप्ता ने पहले कहा था कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

इस बीच, एनईआईएफ आयोजन दल के तीन सदस्यों – पंकज अधिकारी, प्रीतम तालुकदत और कृष्णु दास को एसआईटी ने पूछताछ के लिए तलब किया। हालांकि, उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया।

शर्मा और महंत को गायक की मौत के सिलसिले में बुधवार सुबह दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और लापरवाही से मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया गया है।

सीआईडी ​​ने महंत के खिलाफ संगठित वित्तीय अपराधों और धनशोधन के जरिए भारी मात्रा में ‘बेनामी’ संपत्ति अर्जित करने के मामले में अलग से जांच भी शुरू की है।

असम सरकार ने जुबिन की मौत की जांच के लिए 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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