शह मात The Big Debate: रील..रोजगार और रण! पीएम मोदी के बयान पर सियासी विवाद, बजट में रील के लिए अलग प्रावधानों से युवाओं को मिलेगा कितना फायदा?

रील..रोजगार और रण! पीएम मोदी के बयान पर सियासी विवाद, Politics over reels in budget 2026

शह मात The Big Debate: रील..रोजगार और रण! पीएम मोदी के बयान पर सियासी विवाद, बजट में रील के लिए अलग प्रावधानों से युवाओं को मिलेगा कितना फायदा?

CG Politics. Image Source- IBC24

Modified Date: February 4, 2026 / 12:11 am IST
Published Date: February 3, 2026 11:43 pm IST

रायपुरः CG Politics बजट से देश-प्रदेश के युवा को क्या मिला? क्या सरकार ने रोजगार मांगने वाले युवाओं को रील्स में उलझाकर बहला दिया? कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोप को प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने आगे बढ़ाते हुए बीजेपी सरकार पर देश के युवाओं को छलने का आरोप लगाया और कहा कि पकोड़े बनाने की नसीहत के बाद अब देश के बजट में नौकरी के जगह रील्स बनाने का मैसेज है। जवाब में सत्तापक्ष के नेता दावा करते हैं कि कांग्रेस दशकों तक गरीबी हटाओ के नारे के साथ जनता को बहलाती रही है। वे समझ ही नहीं पा रहे कि देश और दुनिया किस दिशा में हैं? सवाल ये है युवाओं को अपने वादों-दावों में किसने उलझाया? किसने बहलाया और किसने वाकई उनकी फिक्र की है?

1 फरवरी रविवार को 2026-27 के लिए देश का बजट आ चुका है। सत्तापक्ष का दावा है कि ये बजट विजन 2047 के हिसाब से हर वर्ग के लिए विकास की राह मजबूत करता है खासकर यूथ पर फोकस करता है, लेकिन विपक्ष का खुला आरोप है कि केंद्रीय बजट में मोबाइल डाटा सस्ता किया जा रहा है, लेकिन पहले लाखों नौकरी का दावा करने वाली मोदी सरकार अब रोजगार पर कोई बात ही नहीं कर रही है। रोजगार के नाम पर रील बनाने कह रही है। कांग्रेस ने अपने नेता राहुल गांधी का भाषण सोशल मीडिया में पोस्ट करते हुए तंज कसा कि देश के युवाओं को प्रधानमंत्री से रील नहीं रोजगार चाहिए। पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि केंद्रीय बजट निराशाजनक रहा है। बीजेपी सरकार युवाओं को केवल इंटरनेट पर उलझा कर रखना चाहती है।

CG Politics कांग्रेस के आरोप पर पलटवार किया कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा मोदी सरकार के इन 12 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। कांग्रेस ने देशवासियों को जिन सुविधाओं से वंचित रखा वो आज हक से उसे पा रहे हैं। इस साल के आम बजट में देश की वित्तमंत्री ने बदलते दौर में, भविष्य में बढ़ते ट्रेंड्स के हिसाब से रोजगार के हर नए सेक्टर्स में स्किल और ट्रेनिंग पर फोकस किया जिसमें सोशल प्लेटफार्म्स पर कंटेट क्रिएशन, AI, हेल्थ और टूरिज्म जैसे फील्ड शामिल हैं। सवाल ये है कि युवाओं के इंटरेस्ट के हिसाब से बात कर क्या सरकार उन्हें बहला रही है या फिर भविष्य के रोड मैप की बात विपक्ष समझ नहीं पा रही है?

इन्हें भी पढ़े:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।