Assam Election Result 2026: असम में शतक के करीब भाजपा, महज इतनी सीटों पर सिमटी कांग्रेस, गौरव गोगोई ने इन पर फोड़ा ठीकरा

असम में शतक के करीब भाजपा, महज इतनी सीटों पर सिमटी कांग्रेस, BJP close to 100 seats in Assam

Assam Election Result 2026: असम में शतक के करीब भाजपा, महज इतनी सीटों पर सिमटी कांग्रेस, गौरव गोगोई ने इन पर फोड़ा ठीकरा
Modified Date: May 4, 2026 / 11:07 am IST
Published Date: May 4, 2026 11:07 am IST

कोलकाताः Assam Election Result 2026: एक केंद्र शासित प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों की घड़ी आ गई है। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरलम, पुदुचेरी में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। रुझान आने लगे हैं। असम में बीजेपी 100 के आंकड़े के करीब जाती दिखाई दे रही है। वहीं गौरव गोगोई के कांग्रेस का हाल बुरा है। असम में जालुकबारी सीट पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की एकतरफा बढ़त जारी है। वहीं जोरहाट विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के गौरव गोगोई और भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। असम कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट सीट से पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस सिर्फ 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

Assam Election Result 2026: वोटों की गिनती में पिछड़ने के बीच असम कांग्रेस अध्‍यक्ष गौरव गोगोई ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाने शुरू कर दिये है। गौरव गोगोई का कहना है कि हम असम में पॉजिटिव रिजल्‍ट्स की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हम मतगणना के हर चरण पर नजर रखे हुए हैं। हमने राज्य भर में पर्यवेक्षक भेजे हैं, ताकि यदि किसी भी चरण में प्रशासन की ओर से कोई कमी दिखाई दे, तो हमें तुरंत सूचना मिल सके। मतदान के बाद, हमारी टीमों ने देखा कि बिना इस्‍तेमाल हुई ईवीएम बिना ताला लगाए कमरों में रखे हुए थे। हमारी सीएलपी ने भी ऐसे कुछ मामले देखे। हमने प्रशासन की ओर से थोड़ी लापरवाही देखी है।

सत्ता का ‘मैजिक नंबर’, 64 सीटों की जंग (Assam Election Result 2026)

आपको बता दें कि असम की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 64 है। असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। नियम के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए सदन में बहुमत सिद्ध करना होता है। बहुमत के लिए कुल सीटों के आधे से कम से कम एक अधिक सीट की जरूरत होती है। यानी, जिस भी दल या गठबंधन के पास 64 या उससे अधिक विधायक होंगे, वह राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। यदि किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो इसे त्रिशंकु विधानसभा कहा जाता है, जहां चुनाव के बाद गठबंधन की भूमिका अहम हो जाती है।

गठबंधन और क्षेत्रीय दलों का दबदबा

असम में पिछले कुछ चुनावों से गठबंधन की राजनीति का वर्चस्व रहा है। यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच होता है। क्षेत्रवाद की मजबूत जड़ों के कारण क्षेत्रीय दल जैसे असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) अक्सर ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाते हैं। जब हम 64 सीटों के जादुई आंकड़े की बात करते हैं, तो इसमें निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटे दलों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य की जनसांख्यिकी इतनी विविध है कि ऊपरी असम, निचला असम और बराक घाटी- तीनों क्षेत्रों के चुनावी मुद्दे अलग-अलग होते हैं। सत्ता हासिल करने के लिए दलों को इन सभी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ती है।


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