(Hanuman Ansh Box Office Collection/ Image Credit: hanumanansh instagram)
मुंबई: Hanuman Ansh Box Office Collection: नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर अनुमान से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा (Hanuman Ansh Box Office Collection) की कमाई कर ली है। इसी के साथ यह 100 करोड़ क्लब में पहुंचने वाली सबसे कम बजट वाली हिंदी फिल्मों में शामिल हो गई है। फिल्म की कमाई उसके बजट से करीब 50 गुना अधिक बताई जा रही है। सैकनिक्ल के आंकड़ों के मुताबिक, रिलीज के 31वें दिन फिल्म ने 22.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 144.40 करोड़ रुपये और नेट कलेक्शन 122.13 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
रिलीज के शुरुआती दिनों में ‘हनुमान अंश’ को बॉक्स ऑफिस पर बहुत (Hanuman Ansh Box Office Collection) मजबूत शुरुआत नहीं मिली थी। हालांकि, करीब दो सप्ताह बाद फिल्म की चर्चा तेजी से बढ़ने लगी। दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया पर रिव्यू और लोगों की आपसी बातचीत ने फिल्म को फायदा पहुंचाया। ‘टॉक्सिक’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से मुकाबले के बावजूद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी अलग जगह बनाई। इसी वजह से इसे 2026 की चर्चित स्लीपर हिट फिल्मों में गिना जा रहा है।
फिल्म की लोकप्रियता को देखते हुए अब इसे 11 सितंबर को दुनिया के अन्य हिस्सों में भी रिलीज (Hanuman Ansh Box Office Collection) किया जाएगा। इससे इसकी कमाई में और इजाफा होने की उम्मीद है। वहीं, मेकर्स ने फिल्म के सीक्वल की तैयारी भी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगरा के एक मल्टीप्लेक्स में दर्शकों से बातचीत के दौरान निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने ‘हनुमान अंश 2’ की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दूसरी फिल्म में नीम करौली बाबा के जन्मस्थान फिरोजाबाद और उनकी आगे की आध्यात्मिक यात्रा पर ध्यान दिया जाएगा। कहानी में आगरा, मथुरा समेत अन्य स्थानों का भी जिक्र होगा।
नीम करौली बाबा को एक प्रसिद्ध हिंदू आध्यात्मिक गुरु और भगवान हनुमान का बड़ा भक्त माना जाता है। उनका जन्म नाम आमतौर पर लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है। माना जाता है कि उनका जन्म करीब 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में हुआ था। 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनका निधन हुआ। बाबा से जुड़ी कई चमत्कारिक कहानियां उनके भक्तों के बीच काफी प्रचलित हैं। हालांकि, इन घटनाओं का बड़ा हिस्सा भक्तों की स्मृतियों और कथाओं पर आधारित है।