नई दिल्ली: Elvish Yadav Racist Comment: युट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने ‘मिस अरुणाचल’ का खिताब अपने नाम करने वाली और रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ की प्रतिभागी रही चुम दरांग के खिलाफ नस्ली टिप्पणी करने के आरोप में एल्विश यादव को तलब किया है।
Elvish Yadav Racist Comment: अधिकारियों ने बताया कि एनसीडब्ल्यू ने एल्विश यादव को सोमवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा है। अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग (APSCW) ने यादव द्वारा दरांग के खिलाफ की गई ‘‘अपमानजनक और नस्ली’’ टिप्पणी की 11 फरवरी को कड़ी निंदा की थी।
Elvish Yadav Racist Comment:APSCW की अध्यक्ष केंजुम पकम ने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में कहा कि यादव की टिप्पणी न केवल चुम दरांग का अपमान है, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की महिलाओं का भी अपमान है। एल्विश यादव ने बिग बॉस 18 के प्रतियोगी रजत दलाल के साथ एक पॉडकास्ट में चुम दरांग का मजाक उड़ाया था और कथित तौर पर उनके खिलाफ नस्ली टिप्पणी की थी।
एल्विश यादव के खिलाफ नस्ली टिप्पणी का आरोप क्यों लगाया गया?
एल्विश यादव पर 'मिस अरुणाचल' चुम दरांग के खिलाफ नस्ली टिप्पणी करने का आरोप है। यह टिप्पणी उन्होंने बिग बॉस 18 के प्रतियोगी रजत दलाल के साथ एक पॉडकास्ट में की थी, जिससे चुम दरांग और पूर्वोत्तर भारत की महिलाओं का अपमान हुआ।
एल्विश यादव को कब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश होना है?
एल्विश यादव को राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने सोमवार को पेश होने का आदेश दिया गया है।
चुम दरांग कौन हैं और एल्विश यादव ने उनके बारे में क्या कहा था?
चुम दरांग 'मिस अरुणाचल' का खिताब जीत चुकी हैं और वे रियलिटी शो बिग बॉस की प्रतिभागी भी रही हैं। एल्विश यादव ने उनके खिलाफ नस्ली टिप्पणी की थी और उनका मजाक उड़ाया था, जिसे अरुणाचल प्रदेश महिला आयोग और अन्य संगठनों ने कड़ी आलोचना की है।
क्या एल्विश यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
हां, अगर आरोप साबित होते हैं, तो एल्विश यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जैसे कि नस्ली टिप्पणियों के लिए जुर्माना या सजा हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश महिला आयोग (APSCW) ने एल्विश यादव की टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया दी थी?
अरुणाचल प्रदेश महिला आयोग ने 11 फरवरी को एल्विश यादव की टिप्पणी की कड़ी निंदा की थी और इसे न केवल चुम दरांग का बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की महिलाओं का अपमान बताया था।