Assembly Elections in PoK: अपने कब्जे वाले कश्मीर में जबरन विधानसभा के चुनाव करा रहा पाकिस्तान.. इन दो इलाकों में 7 जून को वोटिंग.. जानें क्या है मोदी सरकार की प्रतिक्रिया

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Assembly Elections in Pakistan-Occupied Kashmir: भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों का विरोध करते हुए कहा, पीओके सहित पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।

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  • Publish Date - June 6, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - June 6, 2026 / 04:54 PM IST

Assembly Elections in Pakistan-Occupied Kashmir || IMAGE- ANI File

HIGHLIGHTS
  • भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
  • विदेश मंत्रालय ने पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।
  • मानवाधिकार कार्यकर्ता ने पीओके में दमन के आरोप लगाए।

नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून 2026 को प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। (Assembly Elections in Pakistan-Occupied Kashmir) विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी क्षेत्र, जिनमें तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं।

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भारत बोला-अवैध कब्जे वाले क्षेत्र में चुनाव स्वीकार नहीं

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जे में रखे गए भारतीय क्षेत्रों में चुनाव कराने की कोशिश पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने कहा कि ऐसे कदम क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते। मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय वर्ष 1947 में कानूनी और अंतिम रूप से हो चुका है, इसलिए इन क्षेत्रों पर भारत का वैध अधिकार है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के ऐसे प्रयास वहां जारी मानवाधिकार उल्लंघनों, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और लोगों की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों को छिपा नहीं सकते।

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने भी उठाए सवाल

इस बीच पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप की अपील की है। मिर्जा का आरोप है कि पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में राजनीतिक और नागरिक अधिकारों की मांग करने वाले कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि गिलगित-बाल्टिस्तान अवामी एक्शन कमेटी के कई नेताओं और सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

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गिलगित-बाल्टिस्तान में बढ़ रहा असंतोष

मिर्जा ने यह भी दावा किया कि 1947 से पाकिस्तान के नियंत्रण में रहने के बावजूद गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों में इस्लामाबाद की नीतियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। (Assembly Elections in Pakistan-Occupied Kashmir) उनका कहना है कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं की मांग को दबाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति बदलने की किसी भी कोशिश को वह मान्यता नहीं देगा।

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Q1. भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों का विरोध क्यों किया है?

Ans: भारत का कहना है कि यह क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है, इसलिए चुनाव अस्वीकार्य हैं।

Q2. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

Ans: मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी क्षेत्र भारत के हैं।

Q3. अमजद अयूब मिर्जा ने क्या आरोप लगाए हैं?

Ans: उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और नागरिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया।