IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026
दुर्ग : IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर और रायपुर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुम्हारी शहर का नाम एक बार फिर 12वीं की प्रावीण्य सूची में उभरकर आया। इस बार कुम्हारी के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की बेटी रिया साहू ने अपनी मेहनत के दम पर मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान हासिल कर पूरे परिवार, स्कूल और शहर को गौरवान्वित होने का मौका दिया।
यूं तो रिया बचपन से ही मेधावी है। 10वीं में उसने मेरिट में 10वां स्थान हासिल किया था, लेकिन इस बार उसने और बेहतर कर दिखाने की ठानी। बस क्या था, टीचर्स का साथ, उसकी कड़ी मेहनत और हौसले के दम पर रिया ने अच्छी पढ़ाई कर न सिर्फ पिछले रैंक से और ऊंची छलांग लगाई, बल्कि छात्रों को यह भी संदेश दिया कि सेल्फ स्टडी के सहारे और बिना ट्यूशन के भी टॉपर बना जा सकता है। रिया ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं परीक्षा में पूरे प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। उसने 500 में से 498 अंक यानी 97.60% प्राप्त किए हैं।
रिया ने बचपन से ही अपने पिता राकेश और मां रिंकी का संघर्ष देखा। पिता बाइक मैकेनिक हैं और किराए की दुकान से अपनी जीविका चला रहे हैं। दो तंग कमरों का छोटा-सा किराए का घर, जिसमें रिया अपने माता-पिता और दो छोटे भाई-बहन के साथ रहती है। दूसरे बच्चों को देखकर रिया को भी उनकी तरह रहने का मन करता है, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उसने अपने मन को मना लिया।
पिता की सीमित आय के बीच रिया को अपने और अपने छोटे भाई-बहन के सपनों को साकार करने का एक ही रास्ता नजर आया और वह था अच्छी शिक्षा। ट्यूशन के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए घर में खूब मेहनत की तो स्कूल में भी टीचर्स की लाडली बन गई। उसके सभी सब्जेक्ट टीचर्स से लेकर प्रिंसिपल ने उस पर खूब ध्यान दिया और उसे पढ़ाई में मदद की। दसवीं बोर्ड की मेरिट लिस्ट में जब रिया ने अपना स्थान बनाया था, तभी टीचर्स ने उसका हौसला बढ़ाकर उसे 12वीं में मेरिट लिस्ट में पहुंचने के लिए प्रेरित किया। आखिरकार रिया ने सभी के सपनों और उम्मीदों को पूरा किया।
12वीं के बाद रिया आईआईटी के जरिए डेटा साइंटिस्ट बनना चाहती है, लेकिन अभी भी रिया की राहों में मुश्किलें बड़ी हैं। इस वर्ष वह ड्रॉप लेकर जेईई की तैयारी कर रही है। इस बार उसे कोचिंग जाकर तैयारी करनी होगी। माता-पिता ने बड़ी मुश्किल से नेहरू नगर के एक कोचिंग में उसका एडमिशन कराया है।
इधर, एडमिशन के बाद रिया और उसके परिवार की जिंदगी में प्रदेश की भाजपा सरकार की योजना ‘मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना’ ने एक नई उम्मीद जगाई है। रिया की मां का श्रमिक कार्ड बना था, जिसके जरिए रिया को हाल ही में इस योजना के तहत 2 लाख रुपए की स्कॉलरशिप मिली है। इसमें एक लाख रुपए उसके खाते में जमा किए गए और एक लाख रुपए की कीमत से उसे एक स्कूटी मिलेगी।
रिया का कहना है कि सीएम विष्णुदेव साय की वजह से उसकी कोचिंग की फीस का इंतजाम हो गया। इधर, रिया की मां रिंकी को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिसकी वजह से वह अपनी और बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं।अब रिया को IBC24 की ओर से मिलने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप मिलने जा रही है। इसे लेकर वह काफी खुश है। उसके पैरेंट्स और खुद रिया का कहना है कि यह स्कॉलरशिप उसके सपनों के पंखों को और मजबूती देगी।