Unemployment Allowance Scheme: क्या सरकार दे रही है बेरोजगार युवाओं को 3500 रुपये भत्ता? सच है या अफवाह? जानिए पूरी सच्चाई

Unemployment Allowance Scheme: क्या सरकार दे रही है बेरोजगार युवाओं को 3500 रुपये भत्ता? सच है या अफवाह? जानिए पूरी सच्चाई

Unemployment Allowance Scheme: क्या सरकार दे रही है बेरोजगार युवाओं को 3500 रुपये भत्ता? सच है या अफवाह? जानिए पूरी सच्चाई

(Unemployment Allowance Scheme, Image Credit: Pexels)

Modified Date: September 7, 2025 / 12:47 pm IST
Published Date: September 7, 2025 12:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • यूट्यूब वीडियो में दावा: हर 10वीं पास बेरोजगार को ₹3500 महीना मिलेगा।
  • भारत सरकार ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की है।
  • बिना सरकारी पुष्टि के किसी स्कीम पर भरोसा करना गलत।

Unemployment Allowance Scheme: यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट की गई है जिसमें दावा किया गया है कि सरकार 10वीं पास बेरोजगारों को हर महीने 3500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दे रही है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इस दावे की पुष्टि किसी आधिकारिक सरकारी स्त्रोत से नहीं हुई है।

फर्जी वीडियों में दावा- 10वीं पास बेरोजगारों को हर महीने 3500 रुपये

इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया और यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार 10वीं पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3500 रुपये का भत्ता दे रही है। वीडियो में इस योजना को ‘बेरोजगारी भत्ता योजना 202-25’ का नाम दिया गया है। वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब हर @ManojSirjobs नाम के चैनल पर इसे पोस्ट किया गया है। थंबनेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ लिखा है – 3500 रुपये प्रति महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू।

PIB Fact Check ने किया खुलासा

इस वायरल वीडियो में दावे को लेकर केंद्र सरकार की अधिकृत फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने पड़ताल की और जांच में पाया गया कि इस तरह की कोई भी योजना भारत सरकार द्वारा नहीं चलाई जा रही है। PIB ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो और उसमें किया गया दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। PIB ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि वे ऐसे किसी भी वीडियो या पोस्ट पर भरोसा न करें, जो बिना आधिकारिक पुष्टि के बड़े-बड़े दावे करता है।

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फर्जी जानकारी से सतर्क रहें

सरकार द्वारा जब भी कोई नई योजना शुरू करती है तो उसको लेकर व्यापक तौर पर प्रचार किया जाता है। इसकी जानकारी अखबारों, टीवी चैनलों और सरकार के वेरिफाइड सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर की जाती है। ऐसे में किसी अनजान यूट्यूब चैनल या थंबनेल देखकर किसी भी योजना की सच्चाई जानें बगैर भरोसा करना गलत हो सकता है।

अफवाहों से दूर रहें

आजकल कई यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पेज व्यूज और लाइक्स बढ़ाने के लिए फर्जी दावे करते हैं। जनता को चाहिए कि वे ऐसी अफवाहों से बचें और किसी भी योजना की सच्चाई जानने के लिए सरकारी स्त्रोतों या PIB Fact Check जैसे विश्वसनीय माध्यमों से जानकारी लें।

 


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।