Census 2027: सीएम धामी ने की जनगणना 2027 की डिजिटल शुरुआत, प्रदेशवासियों से की बड़ी अपील

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Census 2027: सीएम धामी ने की जनगणना 2027 की डिजिटल शुरुआत, प्रदेशवासियों से की बड़ी अपील

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 10:18 AM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 10:19 AM IST

Census 2027 | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना
  • नागरिकों के लिए स्व-गणना सुविधा उपलब्ध
  • आंकड़ों की सुरक्षा हेतु कड़े प्रावधान किए गए

देहरादून: Census 2027 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में जनगणना 2027 के अंतर्गत अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य में इस महत्वपूर्ण अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को डिजिटल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी ।

Uttarakhand News मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की ओर अग्रसर हुआ है, जो पारदर्शिता, सटीकता और जनभागीदारी को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को डिजिटल युग में एक और मजबूत कदम आगे बढ़ाने वाली है।

जनगणना 2027 का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ (HLO) है, जिसके अंतर्गत आवासीय स्थिति, सुविधाओं और घरेलू विवरणों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जा रही है। इस बार ‘स्व-गणना’ की सुविधा के माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और त्रुटिरहित होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह डेटा राज्य और देश की नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए इसकी शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनगणना 2027 देश के विकास की आधारशिला है। डिजिटल माध्यम से की जा रही यह जनगणना पारदर्शिता और सटीकता को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे स्वयं आगे आकर स्व-गणना करें और इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह न केवल आपकी भागीदारी को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक होगा।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी आंकड़ों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड में डिजिटल सशक्तिकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, निदेशक (जनगणना संचालन) ईवा श्रीवास्तव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

इन्हें भी पढ़े:-

जनगणना 2027 का पहला चरण क्या है?

पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO) है।

स्व-गणना क्या है?

नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

जनगणना के आंकड़ों का उपयोग कहाँ होगा?

केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और नीतियों के निर्माण में।