North Korea people execution UN report: विदेशी TV शो देखने पर मौत की सजा, UN की रिपोर्ट में नॉर्थ कोरिया को लेकर बड़ा खुलासा
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में नॉर्थ कोरिया को लेकर नया खुलासा हुआ है।UN की नई मानवाधिकार रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर कोरिया में विदेशी टीवी शो, खासकर दक्षिण कोरियाई ड्रामा देखने या बांटने पर फांसी की सजा दी जाती है।
North Korea people execution UN report
- उत्तर कोरिया में विदेशी टीवी शो, खासकर साउथ कोरियाई ड्रामा देखने या बांटने पर मौत की सजा दी जा रही है।
- सरकार ने निजी स्वतंत्रताओं पर भारी पाबंदियां लगाई हैं और लोगों की हर गतिविधि पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
- UN की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 10 वर्षों में उत्तर कोरिया में मानवाधिकारों की स्थिति और भी ज्यादा खराब हुई है।
North Korea people execution UN report: जब भी नॉर्थ कोरिया की बात होती है, राष्ट्रपति किम जोंग-उन के कड़ंक अंदाज की बात जरूर होती है। किम जोंग-उन अपने राष्ट्र पर काफी कठोर रहते हैं। हाल ही में UN की नई मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोरट में बताया गया है कि उत्तर कोरिया में विदेशी टीवी शो, खासकर दक्षिण कोरियाई ड्रामा देखने या बांटने पर मौत की सजा दी जाती है।
विदेशी शो देखने पर होगी फांसी
North Korea people execution UN report: नॉर्थ कोरिया में विदेशी टीवी शोज और फिल्में देखने या लोगों तक पहुंचाने वालों को फांसी दी जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा साउथ कोरियाई ड्रामे शामिल हैं, जिन्हें लोग गुपचुप तरीके से देखते हैं। संयुक्त राष्ट्र की नई मानवाधिकार रिपोर्ट ने बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निजी स्वतंत्रताओं पर जबरदस्त रोक लगाई है। यह रिपोर्ट 14 पन्नों की है इसमें 300 से ज्यादा ऐसे गवाहों और पीड़ितों से बातचीत की गई है जो उत्तर कोरिया से भागकर बाहर निकले। इसमें साफ कहा गया है कि निगरानी सिस्टम अब और भी सख्त हो गया है, नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है और सजाएं पहले से कहीं ज्यादा कठोर हो चुकी हैं।
10 सालों में मानवाधिकारों की हालत और खराब
North Korea people execution UN report: संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया (डीपीआरके) में पिछले 10 सालों में मानवाधिकारों की हालत सुधरी नहीं, बल्कि और भी खराब हो गई है. किम जोंग-उन सरकार ने लोगों पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ा दिया है. अब नागरिकों की हर बात पर नजर रखी जाती है और उन्हें सरकार के खिलाफ कुछ भी बोलने की आज़ादी नहीं है.

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