छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा लंबित राजस्व प्रकरणों का मुद्दा, अजय चंद्राकर ने पूछे तीखे सवाल, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

issue of pending revenue cases: छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 1 लाख 79 से अधिक राजस्व प्रकरण लंबित हैं। सबसे अधिक 11 हजार राजस्व प्रकरण राजधानी रायपुर में ही लंबित हैं। राजस्व प्रकरणों को लेकर प्रशासनिक अमले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा लंबित राजस्व प्रकरणों का मुद्दा, अजय चंद्राकर ने पूछे तीखे सवाल, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

issue of pending revenue cases in Chhattisgarh assembly, image source: ibc24

Modified Date: February 27, 2025 / 05:39 pm IST
Published Date: February 27, 2025 5:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • लंबित राजस्व प्रकरणों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के तीखे सवाल
  • सबसे अधिक 11 हजार राजस्व प्रकरण राजधानी रायपुर में ही लंबित
  • सभी जिलों में हजारों की संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित

रायपुर: Chhattisgarh assembly budget session, छत्तीसगढ़ में लंबित राजस्व प्रकरणों का मुद्दा सदन में भी गूंजा। विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान लंबित राजस्व प्रकरणों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य तीखे सवाल करते नजर आए। इस दौरान लंबित प्रकरणों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई।

issue of pending revenue cases in Chhattisgarh assembly, छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 1 लाख 79 से अधिक राजस्व प्रकरण लंबित हैं। सबसे अधिक 11 हजार राजस्व प्रकरण राजधानी रायपुर में ही लंबित हैं। राजस्व प्रकरणों को लेकर प्रशासनिक अमले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। सरगुजा में 9302, रायगढ़ में 7775, महासमुंद में 5563 राजस्व प्रकरण लंबित हैं। प्रदेश के छोटे बड़े सभी जिलों में हजारों की संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित हैं। लंबे समय से राजस्व प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पा रहा है।

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सदन में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मुद्दा उठाया। लंबे समय तक भूमि आवंटन, बंदोबस्त, खाता विभाजन का निराकरण नहीं होने पर चिंता जताई। सीमांकन के मामलों का भी निराकरण नहीं हो पा रहा है। ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने राजस्व विभाग के भुइंया पोर्टल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भुइंया पोर्टल बनाने का उद्देश्य ऐसा लगता है कि किसानों और भूस्वामियों को परेशान करने के लिए बनाया गया है।

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अजय चंद्राकर ने कहा कि पोर्टल में 35% उत्तर की एंट्री गलत की गई है। लगातार ग्रामीण अंचल के लोगों को एसडीएम और तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मंत्री टंकराम वर्मा ने स्वीकार किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों की संख्या बढ़ी है। विधानसभा सत्र के बाद राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए शिविरों की आयोजन की भी जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ में साल दर साल हजारों की संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित होते चले जा रहे हैं। प्रदेश में 1 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का लंबित होना यह बताता है। ग्राउंड लेवल पर प्रशासनिक अमला प्रकरणों के लिए निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसीलिए हर साल लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा। राजस्व पखवाड़ा और विशेष शिविरों के माध्यम से लंबित प्रकरणों में कितनी कमी आती है।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com