Jabalpur News जबलपुर: मध्य प्रदेश में धान का उपार्जन शुरू होने से पहले ही बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सिहोरा तहसील में अपात्र लोगों ने बिना किसी खेत और दस्तावेज के अपना नाम उपार्जन सूची में जोड़कर पंजीकरण करवा लिया। जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में ऐसे पंजीकरण की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते राज्य सरकार ने सिकमीनामा की जांच के आदेश दिए हैं।
फर्जी सिकमीनामा के आधार पर किया गया पंजीकरण
Jabalpur News मिली जानकारी के अनुसार, सिहोरा तहसील में ऐसे लोगों के नाम भी उपार्जन सूची में जोड़ दिए गए हैं, जिनके पास ना तो खेत हैं और ना ही खेती के दस्तावेज। आशंका है कि खेती की ज़मीन को किराए पर लेने के फर्जी सिकमीनामा के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
पात्र किसानों को ही मिलेगा समर्थन मूल्य
Jabalpur News जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि जबलपुर में ही करीब साढ़े चार हजार हेक्टेयर ज़मीन पर सिकमी नामा की बात सामने आई है, जिनकी जांच अब शासन के निर्देश पर 12 दिसंबर से पहले कर ली जाएगी। उनका कहना है कि जिले में सभी सिकमीनामा की जानकारी को जिला प्रशासन अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक करने जा रहा है, ताकि गड़बड़ियों की सीधी शिकायत जनता के जरिए उन तक पहुंच सके। कलेक्टर ने कहा कि सिर्फ पात्र किसानों को ही समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का लाभ मिल पाएगा।