राजस्थान के 36 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को मध्यप्रदेश के प्रशिक्षण केंद्र से वापस भेजा गया
राजस्थान के 36 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को मध्यप्रदेश के प्रशिक्षण केंद्र से वापस भेजा गया
भोपाल, 13 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के ग्वालियर में प्रशिक्षण ले रहे राजस्थान पुलिस के 36 प्रशिक्षुओं को कथित तौर पर कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल कर तस्वीरें बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर खराब खाना परोसे जाने का आरोप लगाने के बाद वापस उनके गृह राज्य भेज दिया गया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मध्यप्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि जांच में पता चला कि शरारती रंगरूट एआई-जनित तस्वीरों का उपयोग करके तिघरा स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) को बदनाम करने के लिए अभियान चला रहे थे।
सिंह ने बताया कि उन्होंने कथित तौर पर एआई की मदद से तस्वीरें बनाई थीं, जिसमें प्रशिक्षण केंद्र में परोसा गया कथित बासी भोजन दिखाया गया था।
उन्होंने कहा कि 36 जवान ने अपनी ‘नापाक, शरारती और घोर अनुशासनहीनता’ के साथ कथित तौर पर प्रशिक्षण केन्द्र के लिए समस्याएं पैदा कीं। इन जवानों में से ज्यादातर राजस्थान पुलिस की दूरसंचार शाखा से संबद्ध हैं।
अधिकारी ने बताया कि पीटीसी ने नौ महीने के कांस्टेबल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आए रंगरूटों को राजस्थान पुलिस निरीक्षक सतवीर यादव को सौंप दिया, जो उनलोगों को बृहस्पतिवार को उनके राज्य वापस ले गए।
सिंह ने कहा कि राजस्थान के पुलिस महानिदेशक के अनुरोध के बाद, 1,005 रंगरूटों को प्रशिक्षण केंद्र में भर्ती किया गया था और अब उनमें से 36 को वापस भेज दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने भर्ती किए गए कर्मियों से अधिक लोगों के लिए भोजन तैयार करने में पीटीसी की सहायता के लिए केवल दो रसोइयों को तैनात किया था और उनकी निगरानी के लिए स्थायी रूप से कोई अधिकारी भी तैनात नहीं किया था।
उन्होंने बताया कि भर्ती किए गए लोग प्रशिक्षण केंद्र में मशीन से बने व्यंजनों के बजाय ‘गट्टे की सब्जी’, ‘केर-संगरी’ और ‘भट्टी की रोटियां’ सहित पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों की मांग कर रहे थे।
भाषा सं ब्रजेन्द्र सुरेश
सुरेश

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