पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत हुई : मोहन यादव

पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत हुई : मोहन यादव

पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत हुई : मोहन यादव
Modified Date: May 9, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: May 9, 2026 6:37 pm IST

भोपाल, नौ मई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही राज्य में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत हो गई है।

शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। शुभेंदु ने शनिवार को कोलकाता में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं की मौजूदगी में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। यादव भी इस समारोह में शामिल हुए।

यादव ने कहा, ‘‘शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के साथ ही पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत हुई है।’’

यादव ने शुभेंदु को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास, निवेश, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।”

शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर यादव ने कहा था कि बंगाल ने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस की नीतियों के कारण राज्य पिछड़ गया।

उन्होंने शनिवार को कहा, “अब बंगाल पुरानी राजनीति को पीछे छोड़कर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।”

बंगाल में नयी सरकार के शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “नौ मई 2026 इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर के रूप में दर्ज होगा। यह तारीख हमेशा याद रखी जाएगी क्योंकि इसने भाग्य के निर्णायक मोड़ और आशा, सम्मान तथा सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत की।”

मोदी ने कहा, “कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शपथ ली। मुझे सहित अनेक लोगों को इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।”

भाषा

दिमो रवि कांत


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