सड़क हादसे रोकेगी एआई आधारित तकनीक, चलती गाड़ियां एक-दूसरे को भेजेंगी संदेश
सड़क हादसे रोकेगी एआई आधारित तकनीक, चलती गाड़ियां एक-दूसरे को भेजेंगी संदेश
इंदौर (मध्यप्रदेश), 12 जनवरी (भाषा) इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने देश के यातायात प्रबंधन तंत्र को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ‘स्मार्ट’ और सुरक्षित बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से नयी तकनीक विकसित की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के जरिये वाहन चालकों को वक्त रहते जरूरी संदेश भेजकर संभावित सड़क हादसे रोके जा सकेंगे और गाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सकेगा।
आईआईटी-इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रभात कुमार उपाध्याय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ऐसे वक्त जब दुनिया बिना चालक वाली कारों की ओर बढ़ रही है, देश के यातायात तंत्र को ‘स्मार्ट’ और सुरक्षित बनाया जाना वक्त की मांग है। इसके लिए हमने एआई और संचार प्रौद्योगिकी की मदद से अगली पीढ़ी के यातायात प्रबंधन तंत्र के लिए नयी तकनीक विकसित की है।’’
उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक को ‘सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (सी-वी2एक्स)’ नाम दिया गया है।
उपाध्याय ने बताया कि इस तकनीक के जरिये चलती गाड़ियों द्वारा दूसरी गाड़ियों को भी आसानी से संदेश भेजे जा सकते हैं जिससे संभावित सड़क हादसों और यातायात जाम को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मान लीजिए कि आप कार चला रहे हैं, तो यह तकनीक खराब सड़क, रास्ते पर आगे हुई दुर्घटनाओं और यातायात जाम के बारे में आपकी कार को तुरंत संदेश भेज देगी ताकि आप वक्त रहते सचेत हो जाएं। ये संदेश 4जी एलटीई और 5जी जैसे उच्च गति वाले वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल करके भेजे जाएंगे।’’
उपाध्याय ने बताया कि तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने ‘इंटेलिजेंट रिसोर्स एलोकेशन एल्गोरिदम’ विकसित किए हैं जो वास्तविक समय में यातायात की स्थिति, नेटवर्क लोड और सिग्नल की गुणवत्ता के आधार पर खुद को ढाल लेते हैं ताकि जरूरी संदेश तुरंत भेजे जा सकें।
आईआईटी-इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, “सड़क सुरक्षा और टिकाऊ गतिशीलता हमारे समय की सबसे जरूरी चुनौतियों में शामिल हैं। सी-वी2एक्स तकनीक को लेकर किया गया अनुसंधान सुरक्षित सड़कों और स्मार्ट शहरों की दिशा में एक बड़ा कदम है।’’
उन्होंने कहा कि आईआईटी-इंदौर का यह अनुसंधान दर्शाता है कि सड़क पर लोगों की जान बचाने और यातायात के दबाव को कम करने के साथ ही भविष्य की गतिशीलता को लेकर भारत की तैयारी मजबूत करने के लिए संचार की अत्याधुनिक तकनीक किस तरह प्रभावी समाधान मुहैया कर सकती है।
भाषा हर्ष मनीषा आशीष
आशीष

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