Analog Paneer Ban in Madhya Pradesh: एनालॉग पनीर पर बैन लगाने वाला चौथा राज्य बना एमपी, खाद्य विभाग ने जारी किया आदेश, जानिए कौन-कौन से प्रदेश में है प्रतिबंध
Analog Paneer Ban in Madhya Pradesh: एनालॉग पनीर पर बैन लगाने वाला चौथा राज्य बना एमपी, खाद्य विभाग ने जारी किया आदेश, जानिए कौन-कौन से प्रदेश में है प्रतिबंध
Analog Paneer Ban in Madhya Pradesh: एनालॉग पनीर पर बैन लगाने वाला चौथा राज्य बना एमपी, खाद्य विभाग ने जारी किया आदेश, जानिए कौन-कौन से प्रदेश में है प्रतिबंध /image: IBC24 File
- मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया गया है
- खाद्य विभाग को फैक्ट्रियों की जांच कर एनालॉग पनीर जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं
- महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला चौथा राज्य बन गया है
भोपाल। Analog Paneer Ban in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग (MP Food Department Order) ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश एनालॉग पनीर पर रोक लगाने वाला चौथा राज्य बन गया है। यह प्रोडक्ट नेचुरल दूध से बने पनीर के सस्ते विकल्प के तौर पर बनाया जाता है, जिसमें दूध की जगह या दूध के साथ मिलाकर वेजिटेबल फैट और स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है। कम कीमत की वजह से इसका प्रोडक्शन और इस्तेमाल बढ़ा है।
CM यादव ने कहा, “हम मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर रोक लगा रहे हैं, जैसा कि दूसरे राज्यों ने किया है। हम नेचुरल दूध के प्रोडक्शन को बढ़ावा देंगे और नेचुरल तरीके से पनीर बनाएंगे।”
तुरंत ज़ब्त करने का आदेश (MP Analog Paneer Ban)
सरकार ने यह कदम सेहत से जुड़ी चिंताओं और नेचुरल डेयरी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के मकसद से उठाया है। एनालॉग पनीर (Analog Paneer) पर रोक लगाने वाला मध्य प्रदेश चौथा राज्य बन गया है। सरकार ने फैक्ट्रियों की जांच करने और इस प्रोडक्ट को तुरंत ज़ब्त करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान इस फ़ैसले की घोषणा की।
क्या है एनालॉग पनीर? (Analog Paneer Ban)
Analog Paneer Ban in Madhya Pradesh यह असली दूध के विकल्प के रूप में बाजार में बेचा जाने वाला एक नकली उत्पाद है। इसे बनाने के लिए दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति वसा स्टार्च और अन्य केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह नकली पनीर सेहत के लिए हानिकारक होता है और लोग इसे असली पनीर समझकर खरीद लेते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है। इसी को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
ये भी पढ़ें
- UP Raksha Bandhan Good News: रक्षाबंधन पर बहनों को सफर के लिए नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत, भाजपा सरकार ने अतिरिक्त बस चलाने का किया ऐलान, ड्राइवरों को मिलेगा एक्सट्रा वेतन
- MP Government Employees Promotion News: हरियाली अमावस्या पर सरकार की एक और बड़ी सौगात, पदोन्नति को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान, जानकर झूम उठेंगे हजारों कर्मचारी

Facebook


