मप्र : जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर दीपके और अन्य के खिलाफ शिकायत

मप्र : जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर दीपके और अन्य के खिलाफ शिकायत

मप्र : जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर दीपके और अन्य के खिलाफ शिकायत
Modified Date: August 12, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: August 12, 2026 9:27 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 12 अगस्त (भाषा) खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बताने वाले एक व्यक्ति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की अगुवाई में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन में नाबालिग लड़के-लड़कियों की कथित मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताते हुए इंदौर पुलिस की अपराध निरोधक शाखा में बुधवार को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि शिकायत में इस प्रदर्शन में नाबालिगों की कथित मौजूदगी को लेकर कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके और इस समूह के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

मुंबई के निवासी फैजान अंसारी ने शिकायत में कहा कि जांच के जरिये पता लगाया जाए कि दीपके, दास या अन्य व्यक्ति नाबालिगों को प्रदर्शन में लाने, आमंत्रित करने, प्रोत्साहित करने या उनकी भागीदारी को सुगम बनाने में शामिल थे या नहीं।

अंसारी ने पुलिस से विरोध प्रदर्शन के फोटो-वीडियो, मीडिया साक्षात्कार, सार्वजनिक बयान, प्रदर्शन स्थल व इसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को संरक्षित करके उनकी जांच का अनुरोध किया है।

शिकायत में कहा गया है कि अगर जांच में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है, संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया,‘‘हमें अंसारी की शिकायत मिली है जो खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बता रहे हैं। शिकायत पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।’’

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉजपा की अगुवाई में युवाओं का विरोध प्रदर्शन 36 दिनों तक चला था। इस विरोध-प्रदर्शन के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

जब प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

कॉजपा ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ बातचीत के बाद 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस ले लिया था।

भाषा

हर्ष रवि कांत


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