Reported By: Sakshi Tripathi
,bhopal news | Photo Credit: IBC24 File Photo
bhopal news: भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आए 26 टन गौमांस मामले ने अब नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्लॉटर हाउस से भैंस का मांस बताकर बाहर भेजी गई खेप की जब पुलिस जांच हुई, (Bhopal beef news) तो सैंपल में गौमांस की पुष्टि हुई। इसी बीच नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी का पत्र सामने आया है, जो 17 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। इस पत्र में स्लॉटर हाउस से मांस बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी।
bhopal news: पत्र के मुताबिक, करीब दो हफ्तों में 15 साल से अधिक उम्र की 85 भैंसों को काटे जाने की बात प्रमाणित की गई। (bhopal news) साथ ही मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति भी दी गई। लेकिन जिस खेप को भैंस का मांस बताया गया, उसी में गौमांस पाए जाने से अब दो बड़ी संभावनाएं सामने हैं-या तो स्लॉटर हाउस में गायों को काटा गया, या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाण पत्र जारी किया गया।
bhopal news: वहीं नगर निगम अध्यक्ष का कहना है कि, 26 टन गौमांस के इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, (bhopal crime news) उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जा रही है। इसमें अगर कोई छोटा कर्मचारी हो या बड़ा अधिकारी, सभी पर समान रूप से कार्रवाई होगी। नगर निगम किसी को बचाने का काम नहीं करेगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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— IBC24 News (@IBC24News) January 12, 2026
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