हाथरस भगदड़ मामला : अदालत में हुई महिला उपनिरीक्षक की गवाही

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हाथरस भगदड़ मामला : अदालत में हुई महिला उपनिरीक्षक की गवाही

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 05:46 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 05:46 PM IST

हाथरस (उप्र), 26 फरवरी (भाषा) हाथरस जिले की एक अदालत ने जुलाई 2024 में सिकंदराराऊ इलाके में सूरजपाल उर्फ नारायण हरि सरकार उर्फ भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ के मामले की बृहस्पतिवार को सुनवाई की और इस दौरान एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक ने अपनी गवाही दर्ज करायी।

बचाव पक्ष के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि आज अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) महेंद्र श्रीवास्तव की अदालत में भगदड़ के समय सिकंदराराऊ के महिला थाने में तैनात रही उपनिरीक्षक सुषमा देवी की गवाही हुई।

उन्होंने बताया कि मामले में अभी जिरह जारी है और अगली सुनवाई पांच मार्च को की जाएगी।

पुंढीर ने बताया कि महिला उपनिरीक्षक ने गवाही में बताया कि दो जुलाई 2024 को सत्संग स्थल पर एक रंगोली बनी थी, उसके फूल चुनने के लिए महिलाओं का एक हुजूम आया जिससे वह खुद भी दब गई।

अधिवक्ता के मुताबिक महिला उपनिरीक्षक ने अदालत में कहा कि उसके बाद वह बेहोश हो गई और होश में आने पर उसे उसके घर भेजा गया था। महिला उप निरीक्षक ने बताया कि बाद में परिजन उसे अस्पताल ले गए।

सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के बूलगढ़ी एवं फुलरई गांवों के बीच दो जुलाई 2024 को भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों समेत 121 लोगों की मौत हो गई थी तथा बड़ी संख्या में अन्य लोग जख्मी हो गए थे।

पुंढीर ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने भोले बाबा के सेवादार देवप्रकाश मधुकर समेत 11 लोगों आरोपी बनाया है और हादसे के लिए जिम्मेदार माना है।

उन्होंने बताया कि सभी अभियुक्तों पर आरोप तय हो चुके हैं और वे सभी जमानत पर हैं।

भाषा सं. सलीम राजकुमार

राजकुमार