(NSE IPO News/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: NSE IPO News Update: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) लगभग 23,000 करोड़ रुपये के बड़े IPO के लिए अब बैंकों को आमंत्रित करने जा रहा है। NSE ने निवेश बैंकिंग कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं ताकि वे काफी समय से लंबित IPO में अपनी पेशकश दे सकें। रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज मिड मार्च तक सलाहकारों का चयन करने की योजना बना रहा है। हालांकि, NSE ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
इस महीने NSE ने IPO प्रक्रिया की निगरानी के लिए Rothschild & Co. को स्वतंत्र सलाहकार नियुक्त किया है। Rothschild इस प्रक्रिया में मुख्य बैंकर, कानूनी सलाहकार और अन्य सहयोगियों के चयन का नेतृत्व करेगा। यह कदम IPO को गति देने और भारत के सबसे बड़े शेयर बिक्री में से एक को सक्रिय करने का संकेत देता है। NSE का डेरिवेटिव बाजार दुनिया के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक है, जहां सबसे ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार होता है।
इस IPO में पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, NSE की लगभग 4% से 4.5% हिस्सेदारी इस बिक्री के तहत उपलब्ध होगी। अनलिस्टेड बाजार के दामों के आधार पर यह IPO करीब 2.5 अरब डॉलर यानी लगभग 22,700 करोड़ रुपये जुटा सकता है। यह NSE के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो लंबे समय से अटके हुए प्रस्ताव को हकीकत में बदल सकता है।
NSE का IPO 8 साल से लंबित है। दिसंबर 2016 में NSE ने अपना ड्राफ्ट IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। पिछले साल अगस्त में सेबी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के लिए आवेदन किया गया, जो अब मिल चुका है। NSE के MD और CEO आशीष चौहान के अनुसार, DRHP तैयार करने में लगभग 3-4 महीने लग सकते हैं और इसके बाद सेबी से अंतिम मंजूरी मिलने में 2-3 महीने और लगेंगे। इसका मतलब है कि NSE IPO अब जल्द ही निवेशकों के लिए उपलब्ध हो सकता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।