Bhojshala Dispute High Court: भोजशाला केस में नया मोड़, जैन समाज ने किया ये बड़ा दावा, ASI रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

Bhojshala Dispute High Court: भोजशाला केस में नया मोड़, जैन समाज ने किया ये बड़ा दावा, ASI रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

Bhojshala Dispute High Court: भोजशाला केस में नया मोड़, जैन समाज ने किया ये बड़ा दावा, ASI रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

Bhojshala Dispute High Court/Image Source: Social Media

Modified Date: May 7, 2026 / 11:29 pm IST
Published Date: May 7, 2026 11:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जैन समाज ने भोजशाला को मूल जैन धरोहर बताते हुए हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की
  • ASI सर्वे रिपोर्ट में मिली जैन प्रतीकों वाली मूर्तियों और संरचनाओं पर सवाल उठाए गए
  • जैन समाज ने भोजशाला में पूजा-अर्चना के समान अधिकार की मांग की है

Bhojshala Dispute High Court: धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में जारी सुनवाई के दौरान जैन समाज द्वारा दायर याचिका ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। जैन समाज ने दावा किया है कि भोजशाला मूल रूप से जैन धरोहर रही है यहां प्राचीन काल में जैन गुरुकुल और मंदिर थे।

मुख्य याचिका के साथ टैग हुई PIL

जैन समाज की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रसाद राजभर ने सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों और प्राचीन ग्रंथों का हवाला देते हुए दावा किया कि राजा भोज ने भोजशाला की भूमि जैन आचार्य मानतुंग को दान में दी थी। अदालत ने जैन समाज की जनहित याचिका को भोजशाला विवाद में पहले से लंबित मुख्य याचिका के साथ टैग कर दिया है।

ASI रिपोर्ट पर सवाल

जैन समाज की ओर से पक्ष रख रहीं अधिवक्ता प्रिया जैन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की हालिया सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए बताया कि सर्वे के दौरान जैन तीर्थंकरों और यक्ष-यक्षणियों की कई खंडित मूर्तियां पाई गई हैं, लेकिन एएसआई ने रिपोर्ट में इन अवशेषों को जैन धर्म से स्पष्ट रूप से जोड़कर नहीं दर्शाया। प्रिया जैन ने कहा कि सर्वे में सात फणों वाली संरचना के अवशेष मिले हैं, जो जैन प्रतीक चिन्हों से मेल खाते हैं। जैन समाज का दावा है कि ये सब तथ्य भोजशाला के जैन इतिहास की ओर इशारा करते हैं।

पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग

जैन समाज ने अदालत से भोजशाला में पूजा-अर्चना के समान अधिकार देने की मांग की है। अब इस मामले में अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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