AIIMS Bhopal news/ image source: IBC24
भोपाल: भोपाल में स्वास्थ्य और फोरेंसिक जांच के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी पहल होने जा रही है। अब राजधानी भोपाल में बिना चीरफाड़ के पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू होने वाली है। दिल्ली एम्स और शिलांग एम्स के बाद भोपाल एम्स में यह अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी, Virtual autopsy Bhopal AIIMS से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और कम समय में पूरी हो सकेगी।
इस नई व्यवस्था के तहत शवों की वर्चुअल ऑटोप्सी की जाएगी। मृत शरीर को बिना खोले ही इंटरनल ऑर्गन्स, हड्डियों और चोटों की हाई-रिज़ॉल्यूशन 3डी इमेजिंग के जरिए मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सकेगा। इससे न सिर्फ जांच अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि परिजनों की भावनाओं को ठेस पहुंचने से भी बचाया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब 30 मिनट के भीतर पोस्टमार्टम पूरा किया जा सकेगा, जो पारंपरिक पोस्टमार्टम की तुलना में काफी तेज है। खास बात यह है कि इस तकनीक से गंभीर चोटों, फ्रैक्चर और आंतरिक रक्तस्राव जैसी स्थितियों को बेहद स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
भोपाल एम्स के फोरेंसिक विभाग ने इस सुविधा को शुरू करने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा है। इस राशि से अत्याधुनिक डीप सीटी स्कैन मशीन खरीदी जाएगी, जिसके जरिए मौत के कारणों की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के लागू होने से फोरेंसिक जांच में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। साथ ही कानूनी मामलों में भी सटीक और विश्वसनीय रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। भोपाल एम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद मध्यप्रदेश को देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल होने का मौका मिलेगा, जहां बिना चीरफाड़ के पोस्टमार्टम की सुविधा उपलब्ध होगी।