Bhopal News: 120 साल पुराने शिव मंदिर को बिना आदेश तोड़ा, रेलवे और ठेकेदार पर गंभीर आरोप, महंत रामभूषण दास ने FIR दर्ज कराने की मांग

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Bhopal News: 120 साल पुराने शिव मंदिर को बिना आदेश तोड़ा, रेलवे और ठेकेदार पर गंभीर आरोप, महंत रामभूषण दास ने FIR दर्ज कराने की मांग

  • Reported By: Harpreet Kaur

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  • Publish Date - October 26, 2025 / 10:31 AM IST,
    Updated On - October 26, 2025 / 10:31 AM IST

Bhopal News/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • भोपाल में मंदिर तोड़ने की घटना
  • 120 साल पुराने शिव मंदिर को बिना आदेश तोड़ा
  • हिंदू संगठनों ने तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की

भोपाल: Bhopal News:  मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल में 120 साल पुराने शिव मंदिर को रेलवे अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी ने बिना लिखित आदेश के तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

दरअसल रेलवे ने समदड़िया ग्रुप को लांड्री निर्माण का ठेका दिया था। इसी के चलते रेलवे, जीआरपी, पुलिस और ठेकेदार कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौखिक आदेश के आधार पर मंदिर को ढहा दिया। ठेकेदार कंपनी ने भी स्वीकार किया कि उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं था। मंदिर के श्री महंत रामभूषण दास जी महाराज ने आरोप लगाया कि मंदिर की जमीन के कागजात और पुराने नक्शे मौजूद हैं, लेकिन रेलवे ने मनमानी की और मंदिर तोड़ दिया।

Bhopal News:  घटना की सूचना मिलते ही एक दर्जन से अधिक हिंदू संगठन मौके पर पहुंचे और संयुक्त रूप से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि तत्काल मंदिर का निर्माण शुरू होना चाहिए। हिंदू संगठन रेलवे और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर अड़े हुए हैं।

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भोपाल में "शिव मंदिर तोड़फोड़" की वजह क्या थी?

👉 रेलवे ने लांड्री निर्माण के लिए समदड़िया ग्रुप को ठेका दिया और मौखिक आदेश के आधार पर मंदिर तोड़ दिया।

भोपाल शिव मंदिर मामले में कौन जिम्मेदार है?

👉 ठेकेदार कंपनी और रेलवे अधिकारी मौखिक आदेश के आधार पर कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

भोपाल शिव मंदिर तोड़फोड़ का समाधान क्या होगा?

👉 हिंदू संगठन तत्काल मंदिर के पुनर्निर्माण और FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।