MP Congress Rajya Sabha Candidate: राज्यसभा उम्मीदवार का ऐलान होते ही शुरू हुई कांग्रेस में कलह, सताने लगा क्रॉस वोटिंग का डर, क्या तीसरी सीट के लिए होने वाला है खेला? AI Generated
भोपाल: MP Congress Rajya Sabha Candidate कांग्रेस ने जैसे ही राज्यसभा प्रत्याशी का ऐलान किया वैसे ही पार्टी में बगावत के सुर तेज होने लगे हैं। नेताओं के बगावती तेवर को देखते हुए अब इस बात की आशंका लगातार जताई जा रही थी कि पार्टी के नेता ही आपसी कलह के चलते भाजपा को फायदा ना हो जाए। पार्टी की अंदरूनी कलह को देखते हुए कांग्रेस के दो बार प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी है सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और कहा कि दिग्विजय सिंह यदि प्रत्याशी होते तो सीट सेफ होती, लेकिन मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी बनाया है इससे क्रॉस वोटिंग की आशंका बढ़ गई है।
MP Congress Rajya Sabha Candidate राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस-बीजेपी ने लंबे समय तक दिल्ली में प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया और पहले बीजेपी ने अपने दो प्रत्याशियों का ऐलान किया। भाजपा के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हुए अभी कुछ घंटे ही हुए थे कि कांग्रेस ने भी मीनाक्षी नटराजन को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर मिनाक्षी नटराजन का नाम सुनते ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई। पार्टी के नेता ही अपने प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
हालांकि कांग्रेस में हो रहा है विरोध को लेकर एमपी के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का कहना है कि कांग्रेस के लिए कोई नई बात नहीं है, उनके यहां तो हर चुनाव में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। क्रॉस वोटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है वही जानें। बीजेपी तो अपने प्रत्याशियों का चयन कर चुकी है और दोनों ही जीत हासिल करेंगे।
वहीं मीनाक्षी नटराजन के विरोध को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि दिग्विजय सिंह पहले ही चुनाव लड़ने से मना कर चुके थे, ऐसे में आलाकमान ने सांसद रही गांधीवादी नेता को मैदान में उतारा है। सभी एकजुट हैं, विधायकों की बाड़ेबंदी को लेकर कहा जब बीजेपी ने तीसरा प्रत्याशी मैदान में ही नहीं उतरा है तो बाड़ेबंदी जैसी कोई बात नहीं है। विधायक दल की बैठक तो राज्यसभा नॉमिनेशंस के लिए होने वाली प्रक्रियाओं के लिए बुलाई गई है।
गौरतलब है कि मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी कोर टीम का हिस्सा है। वो साल 2009 में मंदसौर से लोकसभा सांसद रही हैं। वर्तमान में मिनाक्षी तेलंगाना राज्य की प्रभारी हैं, हालांकि अब देखना होगा कि विधायक दल की बैठक में क्या कोई विधायक भी उनके विरोध में स्वर उठते हैं या फिर सब एकजुट होकर कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करते हैं। चुनाव में एक और दिलचस्प बात ये है कि क्या बीजेपी तीसरी सीट कर प्रत्याशी उतारती है या तीसरी सीट को लेकर किसी निर्दलीय को समर्थन देती है?