MP PM E Bus Service Indore : बदल जाएगा मध्य प्रदेश में सफर का अंदाज! 7 ज़ोन और 1164 रूटों को मिली मंजूरी, जानिए सरकार का मेगा ट्रांसपोर्ट प्लान
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश को 7 जोन में बांटकर 1164 रूट पर 5206 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत इंदौर से होगी, जहां इलेक्ट्रिक बसों समेत नई परिवहन सेवाएं शुरू की जाएंगी।
MP PM E Bus Service Indore / Image Source : X
- प्रदेश को 7 परिवहन क्षेत्रों में बांटने की तैयारी
- 1164 रूट पर 5206 बसों के संचालन का प्लान
- इंदौर से शुरू होगी पीएम ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
भोपाल : MP PM E Bus Service Indore : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मण्डल की बैठक ली। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभक्त किया जाएगा। बैठक में इन शहरों में पूर्व से क्रियाशील शहरी परिवहन के लिए कंपनियों के संबंध में जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से प्रारंभ किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के तहत, इंदौर संभाग के समस्त जिले और इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) अब संपूर्ण इंदौर संभाग से प्रारंभ होने वाली बसों के कार्यक्षेत्र में कार्य करेंगी।
गौरतलब है कि इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी मार्गों पर बसों का संचालन। इंदौर शहर में सिटी बसों का संचालन, इंदौर संभाग के समीपवर्ती राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश जाने वाले अंतर्राज्यीय मार्गों पर अनुबंध अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ-साथ यह भी अवगत कराया गया कि पीएम ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी इंदौर शहर में जुलाई माह से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। प्रबंध संचालक ने बैठक में बताया कि 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों के 7 शहर से, प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें कुल 2432 बसें संचालित होगी। इसके तहत इन्दौर क्षेत्र से प्रदेश के अन्य जिलों में कुल 121 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। जिनमें 608 बसें संचालित की जाएंगी।
लोगों की सुविधा का रखा ध्यान
सात क्षेत्रीय मुख्यालय इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सिटी बसों का संचालन भी किया जाएगा। यह बसें आमजन की सुविधा हेतु शहर से आगे महत्वपूर्ण उप नगरीय क्षेत्रों तक भी जा सकेंगी। इस श्रेणी के सिटी रूट के तहत इंदौर में शहर के अंदर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक कुल 28 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें लोगों की सुविधा के लिए 784 बसें (पीएम ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर) संचालित की जाएंगी। इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए जाने वाली बसों के मार्ग अनुबंध अनुसार कुल 101 हैं। इसमें कुल 276 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (A.I.C.T.S.L) के द्वारा किया जाएगा। इस प्रकार इंदौर से प्रारंभ होने वाली इंटरसिटी सिटी बसें एवं अंतर्राज्यीय, कुल मार्गों की संख्या 250 हैं। इनमें कुल 1688 बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है।
MP PM E Bus Service Indore निजी बसों पर नहीं होगा असर
बैठक में बताया गया कि जिस प्रकार से इंदौर क्षेत्र से उक्त तीनों श्रेणी की बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर किया जाएगा, उसी प्रकार अन्य 6 क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इन तीनों श्रेणी की बसों का संचालन चिन्हित मार्गों पर उस क्षेत्र की सहायक कंपनियों द्वारा किया जाएगा। सम्पूर्ण प्रदेश के सात क्षेत्रों में कुल सभी श्रेणी के 1164 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिसमें कुल 5206 बसें संचालित होंगी। बसों का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों के तहत, स्कीम के प्रकाशन उपरांत होगा। इसमें वर्तमान संचालित निजी बसों के अनुज्ञा-पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वे यथावत पूर्व व्यवस्था अनुसार संचालित होती रहेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत गठित की गई राज्य स्तरीय कंपनी एवं सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के संगठनात्मक महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं पदों की स्वीकृति भी संचालक मण्डल द्वारा दी गई। इन कंपनियों में प्रभावशील रहने वाले सेवा भर्ती नियम-2026 की भी स्वीकृति संचालक मण्डल द्वारा प्रदान की गई है। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्डि इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में 7 विभाग कार्य करेंगे, जो आईटी एवं आईटीएमएस विभाग, प्लानिंग एवं अनुबंध विभाग, पॉलिसी विभाग एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि विभाग, अधोसंरचना विभाग, प्रवर्तन एंव गुणवत्ता विभाग तथा बिजनेस डेवलपमेंट विभाग कार्य करेंगे। सभी विभागों के प्रमुख, मुख्य महाप्रबंधक रहेंगे। इन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को लिया जा सकेगा। इस होल्डिंग कंपनी में प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर पदों की भर्ती की जा सकेगी। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में कुल 140 पद उच्च प्रबंध श्रेणी, वरिष्ठ प्रबंध श्रेणी एवं कनिष्ठ प्रबंध श्रेणी में स्वीकृत किए गए हैं।
कई पदों को मिली स्वीकृति
बैठक में बताया गया कि राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के अधीन 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में कुल 150 पदों की स्वीकृति दी गई है। सभी सहायक कंपनियां एक कार्यकारी संचालक के अधीन होंगी। सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के अधीन संचालित होने वाली बसों की सुरक्षा एवं सुविधा और प्रवर्तन अमले के लिए भी पद स्वीकृत किए गए हैं। इसमें पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल से अधिकारी-कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर अथवा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों को संविदा पर लिया जा सकेगा। संचालित होने वाली बसों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये गुणवत्ता विभाग के अधीन भी पदों की स्वीकृति की गई है। इससे आमजनों की यात्रा सुरक्षित हो सकेगी। राज्य परिवहन उपक्रम के तहत संचालित होने वाली इन बसों की आवाजाही प्रदेश के सभी आईएसबीटी एवं बस स्टेण्ड तक हो सकेगी। इस प्रकार एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी एवं 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 1190 पद विभिन्न विभागों में सृजित करने की स्वीकृति संचालक मण्डल द्वारा प्रदान की गई है। इसमें चरणबद्ध तरीके से आगामी 4 वर्षों तक पदों को भरा जाएगा।
सीएम डॉ. यादव ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉं. यादव ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के मार्गों में आने वाली बस सेवा एवं जन-सुविधाओं को संबंधित कलेक्टर एवं नगरीय निकायों के माध्यम से आमजन के लिए व्यवस्थित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे को निर्देश दिए कि 7 शहरों में स्थित इन 7 कंपनियों की देनदारियों के संबंध में विभाग द्वारा युक्तियुक्त निर्णय लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 रुपये तक रखी जाए और पेड-अप कैपिटल राशि 35 करोड़ रुपये मंत्रि-परिषद निर्णय अनुसर रखी जाए।
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