Public Holiday Declared: फरवरी महीने के लिए सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान.. इस दिन नहीं खुलेंगे स्कूल और इन दफ्तरों के पट, नहीं कटेगा किसी का वेतन..

Public Holiday Declared by Government: झारखंड निकाय चुनाव 23 फरवरी को, सार्वजनिक अवकाश घोषित, बैलेट पेपर से मतदान, NOTA विकल्प नहीं।

Public Holiday Declared: फरवरी महीने के लिए सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान.. इस दिन नहीं खुलेंगे स्कूल और इन दफ्तरों के पट, नहीं कटेगा किसी का वेतन..

Public Holiday Declared by Government || Image- IBC24 News File

Modified Date: February 14, 2026 / 04:23 pm IST
Published Date: February 14, 2026 4:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 23 फरवरी को मतदान, अवकाश घोषित
  • बैलेट पेपर से होंगे चुनाव
  • इस बार NOTA विकल्प नहीं

रांची: झारखण्ड में आसन्न नगरीय निकाय चुनाव के दौरान आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर राज्य के चुनाव आयोग ने 23 फरवरी को नगरपालिका क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया है। (Public Holiday Declared by Government) इस संबंध में आयोग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

जारी अधिसूचना में कहा गया है कि कोई व्यक्ति सामान्य तौर पर नगर निकाय क्षेत्र में निवास करता हो और उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता भी हो, परन्तु वह नगर निकाय क्षेत्र के बाहर के औद्योगिक इकाई, प्रतिष्ठान या दुकान में कार्यरत हो या अपनी सेवाएं दे रहा हो, तो उसे भी मतदान के दिन नियोक्ता द्वारा सवैतनिक अवकाश मंजूर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वैसे कामगार जो कैजुअल वर्कर एवं डेली वेजेज के रूप में निर्वाचन क्षेत्र से बाहर के संस्थान, प्रतिष्ठान आदि में कार्यरत हैं एवं यदि वे उक्त निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता है, तो उन्हें भी सवैतनिक अवकाश की मंजूरी दी जाएगी। बता दें कि नगर निकाय चुनाव को लेकर मतदान की तिथि 23 फरवरी निर्धारित है।

जानें निकाय चुनाव का पूरा कार्यक्रम

राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को लंबे समय से लंबित शहरी निकाय चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी, जिसके साथ ही राज्य में आचार संहिता प्रभावी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि 48 शहरी निकायों में 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना होगी। (Public Holiday Declared by Government) इन निकायों में 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं, जिनमें कुल 1,087 वार्ड हैं। 48 में से 42 निकायों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या वहां चुनाव लंबित थे, जबकि 6 नवगठित निकायों में पहली बार मतदान कराया जाएगा।

इस बार नहीं रहेगा NOTA का विकल्प

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नव निर्वाचित निकायों का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे और नोटा (NOTA) का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा। इस बार कुल 43,33,574 मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 22,07,203 पुरुष, 21,26,227 महिला और 144 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 2,129 भवनों में 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सभी जिलों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिसूचना के अनुसार, चुनाव दलगत आधार पर नहीं होंगे। मतदाता वार्ड पार्षद और महापौर का चुनाव करेंगे, जबकि उपमहापौर/उपाध्यक्ष का चयन अप्रत्यक्ष निर्वाचन के माध्यम से किया जाएगा। (Public Holiday Declared by Government) चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक दलों की सक्रियता भी तेज हो गई है।

चुनाव की घोषणा पर भारतीय जनता पार्टी ने जहां स्वागत किया, वहीं बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले पर सवाल उठाए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार की मंशा पर प्रश्न खड़े किए। दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के निर्णय का समर्थन करते हुए भाजपा के आरोपों को खारिज किया।

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