Twisha Sharma Death Case: त्विषा मामले में बड़ा अपडेट.. सास गिरिबाला ने खोली थी फांसी की गांठ, पति ने उतारा था शव, अब CBI रिक्रिएट करेगी पूरा सीन

Twisha Sharma Death Scene Recreation: त्विषा शर्मा केस में सीबीआई करेगी घटनास्थल का रिक्रिएशन, पति और सास से घटनाक्रम दोबारा समझेगी जांच एजेंसी।

Twisha Sharma Death Case: त्विषा मामले में बड़ा अपडेट.. सास गिरिबाला ने खोली थी फांसी की गांठ, पति ने उतारा था शव, अब CBI रिक्रिएट करेगी पूरा सीन

Twisha Sharma Death Case Latest News || AI Generated File

Modified Date: May 30, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: May 30, 2026 4:39 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सीबीआई घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन करेगी।
  • 80 किलो के डमी पुतले से फंदे की जांच होगी।
  • पति समर्थ और सास गिरिबाला पांच दिन की रिमांड पर।

भोपाल: राजधानी के बहुचर्चित त्विषा शर्मा कथित आत्महत्या मामले में सीबीआई की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब जांच एजेंसी मामले की सच्चाई जानने के लिए घटनास्थल पर पूरी घटना का रिक्रिएशन करेगी। (Twisha Sharma Death Scene Recreation) सीबीआई आरोपी पति समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह को घर लेकर जाएगी। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना वाले दिन त्विषा को फंदे से कैसे उतारा गया था और दोनों के बयान घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं।

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80 किलो के डमी पुतले से होगा परीक्षण

सीबीआई के अनुसार, समर्थ ने अपने बयान में कहा है कि उसने ही त्विषा को फंदे से उतारा था। वहीं, उसकी मां गिरिबाला सिंह ने फंदे की गांठ खोली थी। अब जांच के दौरान करीब 80 किलो वजन के डमी पुतले का इस्तेमाल किया जाएगा। गिरिबाला सिंह को यह दिखाना होगा कि उन्होंने फंदे की गांठ कैसे खोली थी और त्विषा के गले का फंदा किस तरह ढीला किया गया था। इसके अलावा सीबीआई फंदे (लिगेचर) की मजबूती की भी जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाएगी कि इस्तेमाल किया गया फंदा कितना वजन सहन कर सकता था और क्या घटनाक्रम आरोपियों के बयानों के अनुसार संभव था।

मां-बेटे डॉन है CBI रिमांड पर

फिलहाल समर्थ और उसकी मां गिरिबाला सिंह सीबीआई की पांच दिन की रिमांड पर हैं। इससे पहले शुक्रवार को भोपाल स्थित घर में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ और जांच के बाद सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। (Twisha Sharma Death Scene Recreation) गौरतलब है कि 27 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। अदालत ने कहा था कि मामले की गंभीरता, उपलब्ध सबूतों और जांच की स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत देना उचित नहीं है।

ऋषिकेश में बहाई गई त्विषा की अस्थियां

इससे पहले शुक्रवार को त्विषा शर्मा की अस्थियां गुरुवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी में विसर्जित की गईं। (Twisha Sharma Death Case Latest News) इस दौरान परिवार के सदस्य मौजूद रहे और पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार की रस्में निभाई गईं।

त्विषा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी का ऋषिकेश और मां गंगा से गहरा जुड़ाव था। उन्होंने कहा, “आज हम यहां ट्विशा की अस्थि प्रवाह के लिए आए हैं। उसे ऋषिकेश बहुत पसंद था। वह घंटों गंगा किनारे बैठा करती थी। इस जगह से उसका खास लगाव था, इसलिए हमने उसकी अंतिम इच्छा और भावनाओं का सम्मान करते हुए यहीं अस्थियां विसर्जित करने का फैसला लिया।”

“न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष”

मामले को लेकर नवनीधि शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई अभी सिर्फ शुरुआत है। (Twisha Sharma Death Case Latest News) उन्होंने कहा, “यह बहुत ताकतवर लोगों के खिलाफ लंबी लड़ाई है। हम न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार, जांच एजेंसियां और न्यायपालिका इस मामले में इंसाफ दिलाएंगी और यह केस एक मिसाल बनेगा।”

परिवार को CBI जांच और कोर्ट पर भरोसा

त्विषा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि परिवार को अभी भी न्याय की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम लगातार लड़ रहे हैं। मामले में CBI जांच चल रही है और हाईकोर्ट ने सही फैसला लिया है। हमें उम्मीद है कि सच सामने आएगा और न्याय मिलेगा।”

‘संदिग्ध है बहन त्विशा की मौत’ : चचेरा भाई आशीष

त्विषा शर्मा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि,”अपनी मृत्यु से पहले, त्विषा ने हमें बताया था कि वह मानसिक, आर्थिक और अन्य कई तरह की कठिनाइयों से जूझ रही थी। इससे पहले कि वह उस जगह से निकल पाती या उसका परिवार उसे वापस ला पाता, हमें 12 तारीख को उसकी मृत्यु की खबर मिली। (Twisha Sharma Death Case Latest News) उसकी मृत्यु से जुड़ी पूरी स्थिति गहरे संदेह से घिरी हुई है। हमारे लिए जानबूझकर इस तरह बाधाएं खड़ी की गईं कि परिवार को वहां कम से कम 15 दिनों तक संघर्ष करना पड़ा। अंततः, हमने उच्च न्यायालय का रुख किया और स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया।”

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आशीष ने आगे बताया कि, “इसके बाद, दिल्ली से एक टीम ने घटनास्थल पर जांच की। इस मामले की व्यापक मीडिया कवरेज ने जनता में काफी जागरूकता पैदा की, जिससे मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से सीबीआई जांच शुरू करने का अनुरोध किया। अंततः सर्वोच्च न्यायालय ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया। हमें उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया धीमी होने के बावजूद, पीड़िता को अंततः न्याय मिलेगा। हमें आशा है कि यह मामला एक मिसाल कायम करेगा।”

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

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