MP Congress Office
भोपाल। कांग्रेस दावा तो ये करती है कि उनकी पार्टी 24 घंटे गरीबों- मजलूमों के साथ खड़ी रहती है। लेकिन, उनके इस दावे पर पानी फेर रहा है। भोपाल कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगा एक बोर्ड, जिसमें ये लिखा था कि कांग्रेस दफ्तर सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेगा और रविवार को छुट्टी। जिसके बाद ये बहस शुरू हुई कि क्या राजनीतिक दलों के अंदर भी कॉर्पोरेट कल्चर शुरू हो चुका है? विवाद बढ़ा तो कुछ नेताओं ने बोर्ड हटा दिया। लेकिन, विवाद थम नहीं सका।
एमपी कांग्रेस के भोपाल दफ्तर में लगे इस बोर्ड पर अब बवाल इतना बढ़ चुका है कि पार्टी के लिए बचाव मुश्किल हो गया है। लेकिन, सवाल ये है कि इस बोर्ड में ऐसा है क्या? दरअसल PCC दफ्तर के मेनगेट पर लगे इस बोर्ड में लिखा है। PCC कार्यालय का कार्य समय: सुबह-11 बजे से शाम 6 बजे तक। रविवार अवकाश। इस बोर्ड को लेकर लोग प्रतिक्रियाए देने लगे। मसलन ये कि एक पॉलिटिकल पार्टी के दफ्तर में भी कॉर्पोरेट कल्चर की तरह आने-जाने का समय तय होगा क्या?
विवाद बढ़ा तो कांग्रेस के ही प्रवक्ताओं ने खुद ये बोर्ड हटा दिए और चारों तरफ हो रही फजीहत से पिंड छुड़ाना चाहा। लेकिन, सवाल ये है कि कांग्रेस पार्टी के फैसले से पार्टी के अंदरखाने ही सहमति क्यों नहीं है। अब इतनी उठापटक और तालमेल का अभाव अगर पार्टी के अंदर हो तो फिर बीजेपी भला क्यों चुटकी न ले। बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसते हुए लिखा कि, पार्ट टाइम अध्यक्ष की, पार्ट टाइम कांग्रेस।
3 अगस्त 1996 में बनी इस भोपाल के कांग्रेस इमारत ने बड़े-बड़े बदलाव देखे हैं…साल 2018 से लेकर अब तक दो बार वास्तु के मुताबिक बदलाव किए गए हैं…अब एक नया बदलाव ये भी है ..जिस पर कांग्रेस को ही कुछ जवाब नहीं सूझ रहा…हालांकि कांग्रेस ने ये बोर्ड हटा लिया है लेकिन एमपी में कांग्रेस का विवादों से पिंड छूट नहीं रहा…