मप्र में जनगणना की प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री यादव ने देश के विकास की नींव बताया
मप्र में जनगणना की प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री यादव ने देश के विकास की नींव बताया
भोपाल, 16 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को जनगणना 2027 को राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम करार दिया और प्रदेशवासियों से इसमें पूर्ण निष्ठा एवं सत्यता के साथ हिस्सा लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया शुरू की।
उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश में आज से जनगणना की शुरुआत हो रही है। यह सिर्फ आंकड़ों को दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। जनगणना देश की रीढ़ है, यह विकास की नींव है।”
यादव ने कहा कि इस बार की जनगणना डिजिटल और आधुनिक तकनीक के साथ हो रही है। उन्होंने कहा, “प्रदेशवासियों को इसमें पूर्ण निष्ठा और सत्यता के साथ हिस्सा लेना चाहिए। यह जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए है।”
मध्यप्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व-गणना का काम होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण किया जाएगा और यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना से यह जाना जा सकेगा कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं।
यादव ने कहा कि जनगणना में शामिल कर्मचारी-अधिकारी राष्ट्र निर्माण का पवित्र काम कर रहे हैं और उनका परिश्रम एवं सटीकता से किया गया कार्य देश के भविष्य को मजबूत बनाएगा।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, भोपाल के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति जैन, जनगणना संचालनालय के उप रजिस्ट्रार जनरल डॉ. विजय कुमार सहित जिला प्रशासन और जनगणना संचालनालय के कई अधिकारी मौजूद थे।
भारत में जनगणना की एक समृद्ध परंपरा रही है और इसे दुनिया में सबसे बड़ा प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्य माना जाता है। जनगणना गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा का प्रमुख स्रोत है, जो जनसांख्यिकी, आवास, परिसंपत्ति, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, भाषा और प्रवास पर सूक्ष्म स्तर तक डेटा प्रदान करती है।
यह संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के लिए जनसंख्या डेटा भी प्रदान करती है और कई सरकारी नीतियों एवं सार्वजनिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है।
भाषा
ब्रजेन्द्र पारुल
पारुल

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