छतरपुर, (मध्यप्रदेश), 29 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के छतरपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के कार्यालय में एक कुतिया ने फाइलों और अलमारियों के बीच छह पिल्लों को जन्म दिया, जिसके बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जिलाधिकारी मृणाल मीणा ने मामले का संज्ञान लिया और साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीएमएचओ आर पी गुप्ता को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिला अस्पताल सहित अन्य उपचार केंद्रों में तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गर्भवती कुतिया संभवतः रविवार को कार्यालय के अंदर प्रवेश कर गई और एक खाली केबिन में घुस गई, जहां अलमारियों के पास फाइलें और दस्तावेज रखे हुए थे।
उन्होंने कहा कि इसी स्थान पर कुतिया ने छह पिल्लों को जन्म दिया और प्रसव के बाद वह अपने बच्चों के साथ करीब 24 घंटे तक वहां मौजूद रही।
कर्मचारी ने बताया कि सोमवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने केबिन में फाइलों के बीच पिल्लों को देखा।
सीएमएचओ गुप्ता ने कहा कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली उन्होंने तत्काल नगर निगम को इसकी सूचना दी और कार्यालय की साफ-सफाई कराई।
मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता और कुछ पशु प्रेमी मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय पहुंच गए। हालांकि, तब तक कुतिया और उसके पिल्लों को वहां से हटाया जा चुका था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और तंज कसते हुए कहा कि गरीब परिवार की महिलाएं सड़कों पर बच्चों को जन्म दे रही हैं और यहां कुतिया सीएमएचओ कार्यालय में पिल्लों को जन्म दे रही है।
यह पहला मामला नहीं है जब छतरपुर के स्वास्थ्य संस्थानों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी सामने आई हो। कुछ दिन पहले लवकुशनगर के अस्पताल में एक आवारा कुत्ता बेड पर आराम करता हुआ नजर आया था।
छतरपुर का सीएमएचओ कार्यालय जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का केंद्र है, जहां से अस्पतालों का कामकाज संचालित होता है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र वैभव सुरभि
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