Chhatarpur News: आदिवासी महिलाओं ने डाला गले में ‘फांसी का फंदा’, आखिर किस बात को लेकर है नाराज? सामने आया ये हैरान करने वाला वीडियो, देखें

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Chhatarpur News | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 16, 2026 / 02:25 pm IST
Published Date: April 16, 2026 2:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छतरपुर में विस्थापितों ने 11 दिन से जल सत्याग्रह जारी रखा है
  • आंदोलनकारियों की मांग – पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के 7 लाख किसान परिवारों को लाभ मिलने की संभावना

छतरपुर: Chhatarpur News छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत ढोढन गांव में बन रहे बांध के विरोध में विस्थापितों ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। सैकड़ों आदिवासी महिलाओं ने ‘पंचतत्व आंदोलन’ किया है और पिछले 11 दिनों से विरोध प्रदर्श कर रहे हैं। कुछ महिलाएं तो नदी में फांसी लगाते भी दिखीं है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें पूर्ण मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन अब तक आंदोलन खत्म कराने में सफल नहीं हो पाया है।

मांगे पूरी नहीं हुई तो जारी रहेगा प्रदर्शना

Chhatarpur News प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि ‘उनके जमीन और घर को छीना जा रहा है। जिसकी वजह से ये विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आज प्रदर्शन का 11वां दिन है, लेकिन कोई भी अधिकारी यहां नहीं आया। प्रदर्शनकारी का कहना है कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होती वे यहां से नहीं हटेंगे। अगर वे हमारी अनदेखी करते रहे, तो हो सकता है कि हम उग्रवाद की राह पर चल पड़ें। दुर्गा, काली की तरह, हम भी रौद्र रूप धारण कर सकते हैं।’

क्या है ये योजना?

केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना भारत की पहली अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की केन नदी के अतिरिक्त जल को उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी में स्थानांतरित कर सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना है। इस परियोजना में दौधन बांध का निर्माण और 221 किमी लंबी लिंक नहर शामिल है, जिससे 103 मेगावाट जलविद्युत और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न होगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत, एक प्रेशराइज्ड माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम के जरिए, 10 जिलों (जिनमें पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी और दतिया शामिल हैं) के 2 हजार गांवों में 8.11 लाख हेक्टेयर इलाके की सिंचाई की जा सकेगी। इसमें यह भी बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 7 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा।

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।