Chhindwara News: भरी सभा के बीच युवक ने अपनी जीभ से किया कुछ ऐसा, कार्यक्रम में शामिल सांसद-पूर्व राज्यपाल भी रह गईं हैरान, video मचा रहा बवाल
Chhindwara News: छिंदवाड़ा में बादल भोई संग्रहालय में आयोजित जनजातीय महोत्सव में एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिला।
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- छिंदवाड़ा बादल भोई संग्रहालय में
- जीभ से पेंटिंग बनाकर दर्शक चौंकाया
- सांसद विवेक बंटी साहू, महापौर विक्रम अहके, पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके
छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा में बादल भोई संग्रहालय में आयोजित जनजातीय महोत्सव में एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिला। इस महोत्सव में कला और संस्कृति का समागम देखने को मिला, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचा बालाघाट से आए कलाकार सूर्यभान ने। उन्होंने सामान्य ब्रश या हाथ का उपयोग किए बिना अपनी जीभ से पेंटिंग बनाकर वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।
सूर्यभान ने महज चंद मिनटों में ही स्केच तैयार कर दिया, जिसे देखकर दर्शक और अतिथियों ने जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। Chhindwara News मामले में इस दुर्लभ कला प्रदर्शन ने सभी को चकित कर दिया और महोत्सव में आए लोगों के चेहरों पर खुशी और आश्चर्य के भाव देखने को मिले।
Chhindwara News: जीभ से पेंटिंग बनाकर दर्शक चौंकाया
Chhindwara News मामले में महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू, महापौर विक्रम अहके और छत्तीसगढ़ की पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके शामिल हुईं। सभी ने सूर्यभान की इस अद्वितीय प्रतिभा की खुलकर सराहना की और उनकी कला को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक बंधु, शहर के गणमान्य नागरिक और कला प्रेमियों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकार हमारी संस्कृति और कला की अनूठी पहचान हैं। उन्होंने सूर्यभान की इस अनोखी कला को देखते हुए कहा कि इस तरह की कला से बच्चों और युवाओं में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ती है। महापौर विक्रम अहके ने भी कलाकार की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल कला प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक होते हैं, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करते हैं।
Chhindwara News Today:
Chhindwara News मामले में पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके ने बताया कि इस प्रकार के महोत्सव और कला प्रदर्शन हमारे जनजातीय समुदायों और कलाकारों को मान्यता देने का सबसे बेहतरीन तरीका हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को अधिक मंच और अवसर दिए जाने चाहिए ताकि उनकी कला पूरी दुनिया तक पहुँच सके।
कार्यक्रम में केवल जीभ से पेंटिंग ही नहीं, बल्कि अन्य जनजातीय कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। इस महोत्सव ने दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि लोककला और जनजातीय संस्कृति की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।


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