MP Assembly Elections
Commission’s software in Madhya Pradesh elections : जबलपुर। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च की मॉनिटरिंग के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा जिसमें प्रत्याशियों को रोजाना के खर्च भरने होंगे। एक दिन भी यदि जानकारी नहीं दी गई तो उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। इस सॉफ्टवेयर की खास बात यह है कि इसमें स्टार प्रचारकों के लिए अलग से कॉलम होगा और यदि प्रत्याशी ने किसी प्रकार के कोई अवैध खर्च किए और उस खर्च की जानकारी चुनाव आयोग को मिल गई तो उसकी पूर्ति आयोग द्वारा ही एक अलग कॉलम में सीधे की जाएगी।
Commission’s software in Madhya Pradesh elections : इस तरह कोई भी प्रत्याशी यह सोचकर अधिक खर्च नहीं कर सकेगा,कि उसकी जानकारी किसी को नहीं होगी,क्योंकि निर्वाचन आयोग द्वारा जो कैंडीडेट एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग सिस्टम यानी सीईएमएस तैयार करवाया जा रहा है। इसके जरिए प्रत्याशियों को रोजाना के खर्च ऑनलाइन ही भरने होंगे। इसमें लगभग 10 तरह के खर्च प्रदर्शित होंगे। जिसमें वाहन, फर्नीचर, पोस्टर, चाय-नाश्ता,पानी,कोल्ड ड्रिंक्स, सुरक्षा, गुलदस्ते सहित अन्य खर्च शामिल हैं। इस सीईएमएस सॉफ्टवेयर के तहत किस तरह प्रचार पर खर्च होने वाली राशि पर नज़र रखना है।
इसके लिए जबलपुर जिला निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव खर्च की जांच और निरीक्षण के लिए बनाई गई टीमों को ट्रेनिंग दी गई। जिसमें विशेष तौर पर एकाउंट विभाग के लोग शामिल थे। जिन्हें सीईएमएस सॉफ्टवेयर के तहत चुनाव खर्च पर बारीकी से नज़र किस तरह रखकर अवैध खर्च को पकड़ा जाता है। यह बताया गया। अधिकारियों के मुताबिक किसी स्टार प्रचारक को बुलाया जाता है तो उसका खर्च अलग से दर्ज किया जाएगा,अवैध खर्च का अलग कॉलम सॉफ्टवेयर में प्रत्याशियों के चुनावी खर्च के पेज में एक कॉलम अलग होगा। जो कि अवैध खर्च के लिए रहेगा।
इसमें प्रत्याशी यदि कहीं अवैध तरीके से नकदी बाँटते नजर आएगा, कपड़े बाँटते दिखेगा। शराब देते दिखेगा तो उसकी पूरी राशि निर्वाचन आयोग के अधिकारी द्वारा दर्ज की जाएगी और इसकी निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के स्तर तक होगी। हालांकि निर्वाचन आयोग ने सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी बंगाल के अधिकारियों को सौंपी है क्योंकि वहाँ चुनाव हुए अधिक वक्त नहीं बीता है और उन्हें इसका अनुभव भी है इसलिए उनके अनुभव का लाभ लिया जा रहा है।