कांग्रेस विधायक ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को बलात्कार,‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,भाजपा की कार्रवाई की मांग

कांग्रेस विधायक ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को बलात्कार,‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,भाजपा की कार्रवाई की मांग

कांग्रेस विधायक ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को बलात्कार,‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,भाजपा की कार्रवाई की मांग
Modified Date: January 17, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: January 17, 2026 1:51 pm IST

भोपाल, 17 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को कथित तौर पर बलात्कार और अनुसूचित जाति–जनजाति समाज की महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों को ‘तीर्थ फल’ से जोड़कर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बरैया की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि इंदौर के दौरे पर आ रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

राहुल गांधी शनिवार को इंदौर के दौरे पर हैं, जहां वह भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर रहे हैं।

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अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक बरैया ने एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में उक्त टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

वीडियो में बरैया यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा बलात्कार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं से होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘तो मेरा कहने का मतलब है… बलात्कार का सिद्धांत यह है कि आदमी रास्ते में जा रहा है और उसे अगर खूबसूरत लड़की दिखाई दी, सुंदर अति सुंदर… तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है। तो बलात्कार हो सकता है।’’

बरैया ने सवालिया अंदाज में कहा आदिवासियों, दलितों और ओबीसी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है?

उन्होंने कहा, ‘‘क्यों होता है बलात्कार (इन वर्गों की महिलाओं के साथ)? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं।’’

संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि यह किस धर्म ग्रंथ में लिखा गया है, इसके जवाब में बरैया ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।

उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक की कथित तौर पर व्याख्या करते हुए कहा कि ‘धर्म ग्रंथों’ में यह उल्लेख है कि फलां जाति की महिला से संबंध बनाने पर इस ‘तीर्थ का फल’ मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अब वह नहीं जा पाता (तीर्थ) तो घर में बैठे विकल्प क्या दिया गया? घर बैठे इनकी औरतों को पकड़कर संबंध बनाओ तो ये फल मिल जाएगा? … तो क्या करेगा फिर? अंधेरे में वह किसी को पकड़ने की कोशिश करेगा। एक व्यक्ति एक महिला का कभी बलात्कार नहीं कर सकता। अगर वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा।’’

मुख्यमंत्री यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं। समाज में जहर घोलने वाला बयान देकर फूल सिंह बरैया ने सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करूंगा कि राहुल गांधी आकर के अपने विधायक से भी कहें, उन्हें निलंबित करें, पार्टी से बाहर करें ताकि लगे कि उनके मन में समाज के बाकी वर्गों के लिए भी कोई सम्मान है। मैं उनके इस बयान की निंदा करता हूं। फूल सिंह बरैया विधायक हैं, इसलिए मैं मानकर चलता हूं कि उनका उत्तरदायित्व है कि वह इस प्रकार की बातों से बचें।’’

भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने बरैया के बयान का कथित वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया और कांग्रेस से निष्कासित किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती के तराजू’ पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को ‘तीर्थ फल’ कहना अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है।

उन्होंने कहा, ‘‘धिक्कार है! यह स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है। आज जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं, तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या यही ‘संविधान बचाओ’ का पाखंड है?’’

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार को अब चुप्पी साधे रखने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘या तो तत्काल माफी मांगने के साथ निष्कासन किया जाए या फिर स्वीकार करें कि कांग्रेस महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता के साथ खड़ी है।’’

भाषा दिमो ब्रजेन्द्र संतोष

संतोष


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