शह मात The Big Debate: आशुतोष या घनश्याम.. दतिया किसके नाम? EVM में कैद हुई प्रत्याशियों की किस्मत, MP की सियासत कितना असर डालेगा यहां का परिणाम?

आशुतोष या घनश्याम.. दतिया किसके नाम? EVM में कैद हुई प्रत्याशियों की किस्मत, Datia Assembly By-Election: Fate of Candidates Captured in EVM

शह मात The Big Debate: आशुतोष या घनश्याम.. दतिया किसके नाम? EVM में कैद हुई प्रत्याशियों की किस्मत, MP की सियासत कितना असर डालेगा यहां का परिणाम?

Datia Assembly By-Election. Image Source- IBC24

Modified Date: July 31, 2026 / 12:24 am IST
Published Date: July 30, 2026 11:34 pm IST

दतिया/भोपालः Datia Assembly By-Election मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब मतदान खत्म हो गया है। इस हाईप्रोफाइल सीट पर बीजेपी के आशुतोष तिवारी का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह से था, लेकिन दांव नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक करियर पर भी था। तमाम समीकरणों और राजनीतिक हलचल के बीच दतिया में उस वक्त काफी हंगामा हुआ, जब कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बड़ौनी टीआई पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। हालांकि इसके बाद दोनों दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया।

Datia Assembly By-Election मध्यप्रदेश की हाईप्रोफाइल सीट मानी जाने वाली दतिया विधानसभा के उपचुनाव को शोर गुरुवार को थम गया। जनता ने प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद कर दी। भारी सुरक्षाबलों की मौजूदगी और छुटपुट विवाद के बीच दतिया के दंगल के सियासी पहलवानों का भविष्य जनता ने सुना दिया है। गिले-शिकवों, रणनीतिक तूफानों के बीच बीजेपी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। साथ ही कांग्रेस पर तंज कसने में पीछे नहीं है।

इधर कांग्रेस कह रही है कि जनता BJP शासन से परेशान है। कांग्रेस को जीत से कोई नहीं रोक सकता। कुलमिलाकर मतदान होते ही दतिया का चुनावी संग्राम थम गया है। दतिया की बाजी कौन जीतेगा ये 3 अगस्त के परिणाम ही बताएंगे, लेकिन सवाल ये कि दतिया की बंपर वोटिंग के मायने क्या हैं? सवाल ये कि क्या बीजेपी प्रत्याशी की जीत या हार के आधार पर नरोत्तम मिश्रा का कद और पद डिसाइड होगा? सवाल ये कि कांग्रेस के अवधेश नायक और बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा जैसे ब्राह्मण नेताओं का भविष्य क्या होगा? सबसे बड़ा सवाल ये कि दतिया की हार या जीत से क्या मध्यप्रदेश की सियासी सेहत में कोई फर्क पड़ेगा?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।