Dhirendra Shastri On Ram Mandir Theft: “भगवान महादंड देंगे”, राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर भड़के बागेश्वर बाबा, अपराधियों पर बरसे जमकर, कहा- रावण जैसा होगा अंजाम

Dhirendra Shastri On Ram Mandir Theft: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

Dhirendra Shastri On Ram Mandir Theft: “भगवान महादंड देंगे”, राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर भड़के बागेश्वर बाबा, अपराधियों पर बरसे जमकर, कहा- रावण जैसा होगा अंजाम

Dhirendra Shastri On Ram Mandir Theft/Photo Credit: AI

Modified Date: June 27, 2026 / 07:57 am IST
Published Date: June 27, 2026 7:50 am IST
HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया, छह मंदिर कर्मचारी बताए जा रहे हैं
  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राम मंदिर में चोरी करने वालों को भगवान महादंड देंगे
  • मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है

अयोध्या। Dhirendra Shastri On Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। एफआईआर में आठ आरोपियों का नाम है, जिनमें से छह मंदिर के कर्मचारी हैं जो नकद गिनने का काम करते हैं। वहीं, इस मामले में अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी है।

कर्मों का फल अवश्य मिलेगा

श्री राम मंदिर में हुई चोरी (Ram Temple Donation Theft) की घटना पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जिस रावण ने माता सीता का हरण किया था, उसका पूरा वंश नष्ट हो गया था। जो लोग राम मंदिर में चोरी जैसा पाप करेंगे, उन्हें भी भगवान महादंड देंगे।” उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों पर अपराध करना केवल कानून का ही नहीं, बल्कि धर्म और समाज के प्रति भी गंभीर अपराध है। ऐसे लोगों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा। बागेश्वर महाराज के इस बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई करती हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ था।

Dhirendra Shastri On Ram Mandir Donation Theft राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसआईटी की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एसआईटी ने कुछ ‘कठोर’ सिफारिशें की हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर ‘बहुत गंभीर’ हैं।

अधिकारी ने बताया कि नामजद लोगों में से ज्यादातर दान की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। उन्होंने बताया कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के बारे में कहा जाता है कि वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वाहन चालक था। टिन्नू ने हालांकि पूर्व में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दान और चढ़ावे की रकम गिनने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया था और कहा था कि उससे जलने वाले कुछ लोग उसका नाम उछाल रहे हैं। हालांकि उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए थे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने गठित की थी एसआईटी

Dhirendra Shastri On Ram Mandir Donation Theft लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा नामक आरोपी भी मंदिर में मिले दान की रकम और अन्य कीमती सामान की गिनती का काम करते थे। इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की थी। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.