E-Cabinet in Madhya Pradesh: अब कैबिनेट में फाइलों का बोझ होगा खत्म, इस एप्लीकेशन से होंगे काम, सभी मंत्रियों को बांटे गए टैबलेट

अब कैबिनेट में फाइलों का बोझ होगा खत्म, इस एप्लीकेशन से होंगे काम, E-Cabinet in Madhya Pradesh: New initiative of Mohan government

E-Cabinet in Madhya Pradesh: अब कैबिनेट में फाइलों का बोझ होगा खत्म, इस एप्लीकेशन से होंगे काम, सभी मंत्रियों को बांटे गए टैबलेट
Modified Date: January 6, 2026 / 11:53 pm IST
Published Date: January 6, 2026 11:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश में ई-कैबिनेट व्यवस्था की शुरुआत
  • मंत्रि-परिषद सदस्यों और सचिवों को टैबलेट का वितरण
  • कैबिनेट कार्य पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होने की दिशा में कदम

भोपालः E-Cabinet in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को किया संबोधित

E-Cabinet in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

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मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी।

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