Gopal tample: सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार

सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार, जन्माष्टमी पर बेशकीमती आभूषण धारण करते हैं राधाकृष्ण

Gopal tample: सैकड़ों साल पुराने इस मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार, जन्माष्टमी पर बेशकीमती आभूषण धारण करते हैं राधाकृष्ण

Edited By: , November 29, 2022 / 08:01 PM IST

Gopal tample: ग्वालियर। आज देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया जाएगा। राधा-कृष्ण के मंदिरों में श्री कृष्ण का विशेष श्रंगार किया जाएगा। साथ ही बड़े ही धूमधाम के साथ श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार जन्माष्टमी धुरव योग में मनाई जाएगी। वहीं ग्वालियर के 101 साल पुराने गोपाल मंदिर की साज सज्जा की गई है। इस मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान राधा-कृष्ण का विशेष श्रंगार किया जाता है। जिसमें 100 करोड़ के गहनों से राधा-कृष्ण का श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान गहनों की सुरक्षा के लिए 150 से ज्यादा जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरे से चप्पे-चप्पे की में नजर रखी जाएगी।>>*IBC24 News Channel के WHATSAPP  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां CLICK करें*<<

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101 साल पुराना मंदिर

Gopal tample:  देशभर में प्रसिद्ध 101 साल पुराना गोपाल मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। 1921 में सिंधिया राजवंश द्वारा बनवाए गए इस मंदिर में भगवान राधा कृष्ण की अदभुत प्रतिमाएं हैं। वैसे तो इस मंदिर में सालभर भक्तों का तांता लगा रहता है। लेकिन जन्माष्टमी के पर्व का भक्तों को सालभर इंतज़ार रहता है। जन्माष्टमी के दिन भगवान राधा-कृष्ण को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के गहनों से सजाया जाता है। जिन जेवरात से भगवान का श्रंगार किया जाता है वे रियासत कालीन जेवराज है। जोकि वेहद एंटिक है। ये बेशकीमती गहने सालभर बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखे जाते है। सिर्फ जन्माष्टमी के दिन 24 घंटे के लिए सुरक्षा के बीच मंदिर लाकर भगवान का श्रंगार किया जाता है।

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इन जेवरात से होता है श्रंगार

Gopal tample:  नगर निगम के महापौर द्वारा दिन के ठीक 12 बजे गहनों से श्रृंगार कर भगवान राधा कृष्ण की महाआरती की जाती है। इस दौरान भगवान का श्रंगार इन अभूषणों से किया जाता है। हीरे-जवाहरात से जड़ा स्वर्ण मुकुट, पन्ना और सोने का सात लड़ी का हार, 249 शुद्ध मोती की माला, हीरे जड़े कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, प्रतिमा का विशालकाय चांदी का छत्र, 50 किलो चांदी के बर्तन, भगवान श्रीकृष्ण व राधा के झुमके, सोने की नथ, कंठी, चूडियां, कड़े शामिल होते है।

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50 साल तक लॉकर में रहे जेवर

Gopal tample:  रियासतकालीन दौर में भगवान राधाकृष्ण हमेशा ही इन गहनों से सजे रहते थे। आज़ादी के बाद जब 1956 में गहनों को बैंक के लॉकर में रख दिया गया। फिर साल 2007 में तत्कालीन महापौर ने सरकार से बात कर साल में एक दिन जन्माष्टमी पर इन गहनों से भगवान का श्रृंगार करने की मांग की। जिसपर सरकार ने इसकी रजामंदी दे दी। जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन गहनों को निकाला जाता है और 24 घंटे तक राधा-कृष्ण इन जेवरातों से श्रंगारित रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। श्रद्धालु कहते हैं कि जन्माष्टमी के दिन गोपाल मंदिर में मथुरा जैसा अहसास होता है।

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