ग्वालियर: Warrant Against Jitu Patwari: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की कानूनी परेशानियाँ बढ़ गई हैं। ग्वालियर स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ 500 रुपये के जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें तलब किया है।
Warrant Against Jitu Patwari: यह मामला भिंड जिले के उमरी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है जहाँ उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी। यह पूरा मामला लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान का है। चुनाव प्रचार के समय जीतू पटवारी ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जररिया पर कथित तौर पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था।
Warrant Against Jitu Patwari: इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता अशोक गुप्ता ने पटवारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और मामला कोर्ट में पहुँचा। इस प्रकरण में जीतू पटवारी को आरोपी बनाया गया है और उन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए 8 मई 2025 की अगली तारीख दी गई है।
यह मामला लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बसपा उम्मीदवार पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया था। इस पर आपराधिक शिकायत दर्ज की गई।
क्या "एफआईआर जीतू पटवारी" के खिलाफ दर्ज हुई है?
हाँ, उमरी थाना, भिंड जिले में FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब मामला ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है।
"जमानती वारंट" का क्या मतलब होता है?
जमानती वारंट का मतलब है कि आरोपी को कोर्ट में पेश होने के लिए जमानत की राशि जमा करनी होती है, इस मामले में वह राशि 500 रुपये निर्धारित की गई है।
"कोर्ट में पेशी की अगली तारीख" क्या है?
कोर्ट ने जीतू पटवारी को 8 मई 2025 को पेश होने का आदेश दिया है।
क्या "जीतू पटवारी को गिरफ्तार किया जा सकता है?"
जब तक वह जमानती शर्तों का पालन करते हैं और कोर्ट में हाज़िर होते हैं, तब तक गिरफ्तारी की संभावना नहीं है।