नई दिल्ली/रामपुरः Petrol Shortage In India: मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर तेल और गैस की सप्लाई पड़ा है। गैस सप्लाई में संभावित रुकावट की खबरों ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के समोदिया स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल लेने के लिए ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में किसान और वाहन चालक पेट्रोल पंप पर पहुंच गए, जिसके चलते पंप पर काफी भीड़ लग गई।
पेट्रोल पंप पर पहुंचे किसानों ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं को देखते हुए लोगों में तेल की कमी हो सकती है। इसी आशंका के चलते किसान और वाहन चालक पहले से ही डीजल और पेट्रोल लेने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो खेती-बाड़ी के कामों पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए किसान पहले से ही डीजल का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं। वहीं पेट्रोल पंप पर भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली, हालांकि पंप कर्मचारियों ने लोगों को लाइन में लगाकर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया।
Petrol Shortage In India: ईंधन की किल्लत की खबरों पर अब तेल कंपनियों की ओर से बयान भी आ रहे हैं। भारत पेट्रोलियम ने कहा कि कुछ जगहों पर पेट्रोल और डीज़ल की कमी की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है। BPCL पूरी तरह परिचालन में है और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें, पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग अगर बढ़ी तो भारत में रसोई गैस की किल्लत बढ़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने ये आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनयां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। सभी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को करनी होगी। सरकारी तेल कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल है। इसका मकसद कंज्यूमर्स को बिना रुकावट गैस सिलेंडर की सप्लाई है।