लखनऊ, छह मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘सुरक्षित उप्र-समृद्ध उप्र’ की परिकल्पना को और सुदृढ़ करने के तहत 50 त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) वाहनों को हरी झंडी दिखाई और कहा कि विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है और उप्र पुलिस ने यह करके दिखाया है।
‘‘सुरक्षित उप्र-समृद्ध उप्र’’ की परिकल्पना को और सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री योगी यहां आज लखनऊ में होंडा इंडिया फाउंडेशन और उप्र पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
योगी ने कहा कि 2017 से राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था ने इसकी छवि को बदल दिया है। अब राज्य की छवि दंगों वाले इलाके के बजाय विकास के लिए एक सुरक्षित स्थान में बदल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी संभव है जब लोग सुरक्षित महसूस करें और उनकी संपत्ति की रक्षा हो।
आदित्यनाथ ने 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के बनने और 2022 में फिर से पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने का जिक्र करते हुए इस बदलाव का श्रेय 2017 और 2022 के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदर्शन को दिया।
कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस बल ने दिखाया है कि एक राज्य जो कभी अव्यवस्था, दंगों और अक्सर कर्फ्यू से ग्रस्त था, उसे ‘‘सुरक्षित उत्तर प्रदेश’’ में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विकास के लिए सुरक्षा पहली शर्त है। अगर कोई इंसान सुरक्षित नहीं है, तो उसकी राजधानी और परिवार कैसे सुरक्षित रह सकता है?’’
आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में पुलिस तंत्र को बेहतर बनाने के लिए पिछले नौ साल में कई सुधार किए गए हैं। उप्र पुलिस ने यह करके दिखाया है।
योगी आदित्यनाथ ने अब तक पुलिस व्यवस्था में आये सुधारों को जिक्र करते हुए कहा कि आज उप्र पुलिस और पीएसी (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की मांग देश के अन्य राज्यों में भी होती है और आज हमारे पास 12 फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं हैं, भारत का विश्व स्तरीय फॉरेंसिक संस्थान भी उप्र के पास है…।’’
योगी ने कहा कि आपात स्थिति में जितनी त्वरित कार्रवाई होगी, वह कार्रवाई उतना ही भरोसे में बदलती है और वह भरोसा ही पारदर्शिता का कारण बनता है।
भाषा आनन्द रवि कांत सुरभि
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