MP Collector Meeting 2026 : कलेक्टर्स को सीएम मोहन यादव का अल्टीमेटम; काम में ढिलाई पर होगी सीधे कार्रवाई, ऑफिस टाइमिंग को लेकर सख्त निर्देश

Ads

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रशासनिक कार्यक्षमता, जनहित की योजनाएं, गेहूं खरीदी और दफ्तरों में अनुशासन पर सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अफवाहों के खंडन, कंट्रोल रूम संचालन और छह-दिवसीय कार्य सप्ताह सहित कई अहम निर्देश दिए।

  •  
  • Publish Date - March 6, 2026 / 08:36 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 08:39 PM IST

MP Collector Meeting 2026 / Image Source : IBC24 / FILE

HIGHLIGHTS
  • M मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों को प्रशासनिक कार्यक्षमता और जनहित योजनाओं में सख्त निर्देश दिए।
  • गेहूं खरीदी में किसानों को 100% सुविधाजनक और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश।
  • छह-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू और अफवाह फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

भोपाल : MP Collector Meeting 2026  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जिला कलेक्टरों के साथ एक अहम बैठक की। इस चर्चा में उन्होंने प्रशासनिक कार्यक्षमता, जनहित की योजनाओं, गेहूं खरीदी और दफ्तरों में अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाड़ी देशों में वर्तमान में बनी अनिश्चित स्थितियों को देखते हुए वहां के जिलों के छात्रों और नागरिकों के परिवारों से निरंतर संवाद बनाए रखें। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन और वल्लभ भवन में सहायता के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जिनके साथ जिला प्रशासन को तालमेल बिठाकर काम करना होगा।

लागू होगा 6-दिवसीय कार्य सप्ताह

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल वही कलेक्टर अपने पदों पर बने रहेंगे जो जिलों में अपनी कार्यक्षमता का ठोस प्रमाण देंगे। CM Mohan Yadav News उन्होंने बताया कि “संकल्प से समाधान” मुहिम के अंतर्गत अब तक करीब 40 लाख शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है और 16 मार्च तक सभी जिलों में विशेष शिविर लगाकर बाकी बची समस्याओं का निराकरण करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी और कर्मचारी दफ्तरों में समय का पालन नहीं करते हैं, तो प्रदेश में 6 दिन के कार्य सप्ताह का नियम लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में हाल ही में किए गए औचक निरीक्षणों की तर्ज पर अब कलेक्टरों को भी अपने जिलों में नियमित तौर पर कार्यालयों का निरीक्षण करना होगा।

गेहूं खरीदी प्रक्रिया को लेकर सख्त निर्देश

सीएम यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दौरान किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। कलेक्टरों को किसानों के सत्यापन, खरीद केंद्रों पर बोरियों की पर्याप्त व्यवस्था और किसानों को भुगतान समय पर करने की शत-प्रतिशत जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। गेहूं की खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 16 मार्च से 5 मई तक होगी, जबकि जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल व सागर संभागों में यह प्रक्रिया 23 मार्च से 12 मई के बीच चलेगी।

भ्रामक सूचनाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई

मौजूदा समय में बोर्ड और विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे शिक्षण संस्थानों, हॉस्टलों और विश्वविद्यालयों का आकस्मिक दौरा करें ताकि परीक्षाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र में कोई अड़चन न आए।, Madhya Pradesh News  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों का जिला प्रशासन स्तर पर तुरंत खंडन किया जाए। सच को जल्द से जल्द जनता के सामने रखना अत्यंत आवश्यक है।

जिलों में वीसी सेटअप का कार्य जल्द पूरा करें

आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांढ़ुना, बालाघाट और भोपाल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेटअप को जल्द से जल्द व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रणाली अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सीधे पंचायत स्तर तक जोड़ने में मददगार साबित होगी।

इन्हें भी पढ़ेंः-

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों के साथ किस विषय पर चर्चा की ?

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यक्षमता, जनहित की योजनाओं, गेहूं खरीदी और दफ्तरों में अनुशासन पर चर्चा की।

गेहूं खरीदी प्रक्रिया कब से कब तक होगी?

इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग: 16 मार्च से 5 मई। जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग: 23 मार्च से 12 मई।

छह-दिवसीय कार्य सप्ताह किसके लिए लागू होगा?

यदि अधिकारी और कर्मचारी समय का पालन नहीं करते हैं, तो प्रदेश में छह-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाएगा।