IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल ने की IBC24 की तारीफ, कहा- बच्चों को मिले काम करने की आजादी

स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल ने की IBC24 की तारीफ, IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026 Prahlad Patel

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल ने की IBC24 की तारीफ, कहा- बच्चों को मिले काम करने की आजादी

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026

Modified Date: August 4, 2026 / 12:04 am IST
Published Date: August 3, 2026 4:53 pm IST

भोपालः IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: मध्यप्रदेश की मेधावी बेटियों को सम्मानित करने के लिए IBC24 का प्रतिष्ठित ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026′ कार्यक्रम का आगाज हो चुका है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश की टॉपर बेटियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के पहले सेशन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। IBC24 के मैनेजिंग एडिटर विश्वेश ठाकरे ने उनसे प्रदेश में पंचायतों के विकास को लेकर कई सवाल भी पूछे।

IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: IBC24 के ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026′ कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्होंने चैनल को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हम बेटियों को भगवती का रूप मानते हैं। बेटियां सिर्फ स्लोगन नहीं है, वो सांस्कृतिक पंरपरा के वाहक है। IBC24 के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गांवों के पहले पंचायत भवन नहीं होते थे, लेकिन हमारी सरकार ने 5200 भवन अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर बनाया है। गांवों में हमारी सरकार ने 3747 समुदायिक भवन बनवाया। कुलमिलाकर हमारी सरकार ने प्रदेश के पैसों का सदुपयोग किया।

मनरेगा के तहत 125 दिन के रोजगार देने को लेकर मंत्री पटेल ने कहा कि सरपंच कह रहा है कि मुझे मजदूर नहीं मिलते। इंडस्ट्रियल एरिया में जाइए वहां बोर्ड लगे हुए हैं कि हमको मजदूर चाहिए। आदमी गांव में काम नहीं कर रहा है और दूसरी तरफ ये कहा जाता है कि सरपंच मशीन से काम करवा रहा है। यह बात मैंने विधानसभा में कही है। मध्य प्रदेश में 57 लाख जॉब कार्ड धारी हैं, जिसमें 37 या 36 लाख करीब सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि नई पीढ़ी श्रम से दूर भाग रही है। ऐसा नहीं है कि काम नहीं है। काम है। काम करने का मन चाहिए लेकिन हम श्रम से भागने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है यह देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।