इंदौर दूषित पेयजल त्रासदी : मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए

इंदौर दूषित पेयजल त्रासदी : मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए

इंदौर दूषित पेयजल त्रासदी : मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए
Modified Date: January 2, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: January 2, 2026 4:39 pm IST

इंदौर, दो जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के मामले में शुक्रवार को नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जिनमें एक अपर आयुक्त का शहर से तत्काल तबादला किए जाने का कदम शामिल है।

स्थानीय नागरिकों ने शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 15 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है। विभाग के मुताबिक इस प्रकोप में केवल चार लोगों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने दूषित पेयजल मामले को लेकर एक समीक्षा बैठक में इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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उन्होंने बताया कि नगर निगम के अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण अभियंता से जल वितरण कार्य विभाग का दायित्व वापस लेने के भी निर्देश दिए हैं।

यादव ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में आवश्यक नियुक्तियां तत्काल किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया,‘‘इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत हम राज्य के अन्य स्थानों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।’’

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इंदौर नगर निगम के एक ‘जोनल’ अधिकारी और एक सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से पहले ही निलंबित कर दिया गया है और एक प्रभारी उप अभियंता की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

भाषा हर्ष

राजकुमार

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